Darbhanga : चौथी बार स्थगित हुई बिहार बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा, अब 13 अगस्त को होगी आयोजित

विभिन्न कारणों से चार बार सीइटी-बीएड परीक्षा की तिथि हो चुकी है स्थगित बिहार के 11 शहरों के लगभग तीन सौ केंद्रों पर होनी है परीक्षा बिहार के 350 बीएड कालेजों में दो वर्षीय बीएड व शिक्षा शास्त्री में होना है नामांकन।

Dharmendra Kumar SinghThu, 29 Jul 2021 05:18 PM (IST)
बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के आयोजन की निर्धारित 11 अगस्त की तिथि स्थगित कर दी है।

दरभंगा, जासं। बिहार बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा (सीइटी-बीएड-2021) एक बार फिर स्थगित हो गई है। अब इसके लिए 11 अगस्त की जगह 13 अगस्त की तिथि तय की गई है। बीएड-सीइटी राज्य नोडल केंद्र ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के राज्य नोडल पदाधिकारी अशोक कुमार मेहता ने  चौथी बार अधिसूचना जारी कर बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा के आयोजन की निर्धारित 11 अगस्त की तिथि स्थगित कर दी है। बताते हैं कि राष्ट्र स्तरीय नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा की तिथि पुनर्निधारित हो गई है। नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा के केंद्र सीइटी-बीएड केंद्र से मेल खा रहे हैं। जिस कारण बिहार बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा 2021 अब 13 अगस्त को आयोजित की जाएगी। परीक्षा सुबह 11 बजे से दोपहर एक बजे तक परीक्षा ली जाएगी। परीक्षा को लेकर बिहार के 11 शहरों में लगभग तीन सौ परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं । इन सभी केंद्रों पर कोरोना गाइडलाइन का पालन करते हुए परीक्षा आयोजित की जाएगी।

बता दें कि कोरोना संक्रमण समेत विभिन्न कारणों से सीइटी-बीएड राज्य नोडल केंद्र ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त प्रवेश परीक्षा की निर्धारित तिथि को चौथी बार स्थगित किया गया है। वही चार अगस्त से प्रवेश परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है। परीक्षा बिहार के 11 शहरों में तीन सौ परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। प्रवेश परीक्षा के लिए आरा, भागलपुर, छपरा, दरभंगा, गया, मधेपुरा, मुंगेर, मुजफ्फरपुर, पटना, पूर्णिया और हाजीपुर में केंद्र बनाए गए हैैं। बिहार में बीएड के करीब 33 हजार सीट निर्धारित है, जिसके लिए लगभग डेढ़ लाख आवेदन इस साल आए हैं ।

मिथिला में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना समय की मांग : धीरेंद्र

दरभंगा। मिथिला में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना समेत आइसा के द्वारा 30 सूत्री मांगों को लेकर चल रहे अनशनकारियों के समर्थन में भाकपा माले के पोलित ब्यूरो सदस्य सह मिथिलांचल प्रभारी धीरेंद्र झा ने कहा कि मिथिला में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना होनी चाहिए। संसद के चालू सत्र में इसको लेकर मिथिला क्षेत्र के सांसद को आवाज उठानी चाहिए। इधर मेडिकल कौंसिल इंडिया के पूर्व सदस्य डा. अजित कुमार चौधरी, डा. धर्मेंद्र कुंवर, डा. हृषिकेश झा, प्रो. राम बाबू आर्य, प्रो. कल्याण भारती, सेवानिवृत अंग्रेजी के प्रोफेसर प्रभात कुमार, स्थापित साहित्यकार शंकर प्रलामी,डा. बीएनपी यादव ने छात्र आंदोलन का समर्थन किया है। माले नेता धीरेंद्र झा ने कहा कि विभिन्न मांगों को लेकर 15 अगस्त के बाद मिथिला बंद का आह्वान किया किया जाएगा। आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए आइसा नेता संदीप कुमार चौधरी, ङ्क्षप्रस कर्ण, विशाल कुमार मांझी, संदीप कुमार समेत अन्य को धन्यवाद दिया।

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