दो साल से रिटायरिग रूम व ट्रेनों में बेडरोल बंद, सर्दी में यात्रियों को होगी परेशानी

ठंड का मौसम शुरू हो गया है। सूर्य निकलने से पहले सुबह के मौसम में कुहासा हो रहा है।

JagranFri, 29 Oct 2021 01:58 AM (IST)
दो साल से रिटायरिग रूम व ट्रेनों में बेडरोल बंद, सर्दी में यात्रियों को होगी परेशानी

मुजफ्फरपुर : ठंड का मौसम शुरू हो गया है। सूर्य निकलने से पहले सुबह के मौसम में कुहासा हो रहा है। रात को भी तापमान में गिरावट हो रही है। रेलवे की ओर से ट्रेनों और जंक्शन के रिटायरिग रूमों व ट्रेनों में बेडरोल की अभी तक व्यवस्था नहीं की गई है। जाड़े के मौसम में ट्रेन लेट होने पर रात में यात्री को परेशानी होगी।

कोरोना काल का प्रभाव अधिक होने पर मार्च 2020 में इस पर रोक लगा दी गई थी। तब से अभी तक चादर, तकिया, कंबल, गमछा आदि की सुविधाएं बंद हैं। स्टेशन में अलमारी में बेडरोल रखे-रखे खराब हो रहे हैं। इनकी धुलाई लांड्री से होती है और भुगतान सोनपुर रेलमंडल कार्यालय करता है। रेल अधिकारियों कहना है कि रेलवे बोर्ड के आदेश के बगैर ट्रेनों व जंक्शन के रिटायरिग रूमों में चादर-तकिया कंबल, गमछा आदि की सुविधाएं नहीं दी जा सकती।

रहने लायक नहीं रिटायरिग रूम

जंक्शन के एक भी रिटायररिग रूम रहने के लायक नहीं है। कमरे की स्थिति सही नहीं है। बारिश में छत से पानी टपकता है। किसी का बाथरूम सही नहीं तो किसी का पानी का पाइप जाम। पलंग भी ठीक नहीं हैं। सभी कमरे रिपेयरिग के इंतजार में हैं। रेल अधिकारियों का कहना है कि सभी कमरों की रिपेयरिग होनी है। एक में काम शुरू कराया गया है। नाइट वाले टीटीई ट्रेन के इंतजार में इधर-उधर भटकते रहते हैं। रात में ट्रेन से आने वाले यात्रियों का भी यही हाल है। कहीं बैठकर सुबह होने का इंतजार करते हैं।

टिकट के पीएनआर पर होती बुकिग

रात की ट्रेन होने पर आइआरसीटीसी की साइट से रिटायरिग रूम की आनलाइन बुकिग होती है। उसकी सूचना यहां के टीसी को मिल जाती है। कोरोना काल में पिछले दो सालों से रिटायरिग रूम की बुकिग बंद हैं। रेल सूत्रों का कहना है कि जल्द रिटायरिग रूम को किसी प्राइवेट कंपनी के हाथ सौंपा जाएगा। रिटायरिग रूम की संख्या और किराया

एसी कमरे -दो, किराया 300 रुपये

नान एसी-नौ, किराया 200 रुपये

डारमेट्री- एक, किराया 50 रुपये

इतने बेडरोल उपलब्ध

चादर 200

कंबल 100

तकिया 15

गमछा 20

ये है धुलाई का खर्च

प्रत्येक चादर की धुलाई 10 रुपये

तकिया खोल की धुलाई पांच रुपये

गमछा की धुलाई छह रुपये

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