गजब का हौसला: न एक हाथ न पैर, फिर भी चुनौतियों से दो-दो हाथ करते बगहा के देवंचल

West Champaran 22 नदियों को आसानी से पार कर जाते देवंचल महतो। अब तक नहीं मिल सकी है किसी तरह की कोई भी सरकारी सहायता। काम के दौरान उसके एक हाथ और एक पैर कट गए। हादसा होने के बाद कंपनी ने उसे घर वापस भेज दिया।

Dharmendra Kumar SinghWed, 08 Dec 2021 08:44 PM (IST)
पश्‍च‍िम चंपारण में बाइक से नदी पार करते देवंचल महतो। जागरण

पश्चिमी चंपारण, {विभोर कुमार}। रामनगर प्रखंड के कमरछिनवा दोन निवासी देवंचल महतो गुजरात में रहकर मेहनत मजदूरी करते थे। इस बीच उनकी शादी हो गई और दो बच्चों तथा पत्नी के साथ उनका परिवार जीवन जीने लगा। वर्ष 2013 में इस परिवार को न जाने किसकी नजर लग गई तथा काम के दौरान देवंचल का एक पैर और एक हाथ कट गए। महज 25 साल की उम्र में यह हादसा हुआ तो कंपनी ने उन्हें घर वापस भेज दिया। इसके बाद पत्नी और बच्चों के समक्ष भुखमरी की नौबत आ गई। जान तो बच गई। लेकिन, देवंचल खुद की लाचारी से निराश हो गए। इसके बाद देवंचल ने अपना हौसला बटोरा तथा व्यापार की सोची। एक हाथ व एक पैर के सहारे बाइक चलाना सीखा। दोन के दुर्गम रास्तों में वे बाइकिंग करते हुए रामनगर बाजार जाते और किराना सामान लाकर गांव में बेचते। धीरे-धीरे उनकी आमदनी बढऩे लगी। वे वीटीआर जंगल के बीच से होकर 22 नदियों को आसानी से पार कर जाते। अब वे आत्मनिर्भर हैं। बच्चे अच्छे स्कूल में पढ़ाई कर रहे। वास्तव में देवंचल उन दिव्यांगों के लिए प्रेरणापूंज हैं, जो खुद को कमजोर आंकते हैं।

गुजरात में मजदूरी के दौरान गंवाया एक हाथ पैर

आपबीती सुनाते हुए देवंचल बताते हैं कि महज 25 साल की उम्र में मशीन में फंसकर दाहिना हाथ और पैर कट गए। शादीशुदा होने की वजह से दो बच्चों का बोझ सिर पर था। ऐसी हालत में काम छूट गया। कमरछिनवा लौटकर स्वजनों के पास रहने लगा। धीरे धीरे हिम्मत जुटाकर बाहरी कामों में हाथ बंटाने लगा। फिर बाइक चलाने का अभ्यास किया। आरंभ में परेशानी हुई। फिर एक दिन इसे चलाने में सफल हो गया। अब हरनाटांड़ व अन्य जगहों पर जाकर किराना दुकान के लिए सामान खरीद स्वयं लाते हैं। अभी तक किसी तरह की सरकारी सहायता नहीं मिली।

रामनगर के अंचलाधिकारी विनोद कुमार मिश्रा ने बताया कि देवंचल जैसे दिव्यांग युवक की दोन के दुर्गम रास्ते को पार करना और उनकी स्वाभिमान की जंग शिक्षाप्रद है। यदि उनको सरकारी सहयोग नहीं मिल सका है। तो सरकारी स्तर पर पेंशन, साइकिल आदि सहयोग करने का पूरा प्रयास करेंगे।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.