विभूतिपुर में कृषि चौपाल की हो रही खानापूरी, उठे सवाल

विभूतिपुर। कृषि विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 रबी मौसम के लिए निर्देशित किसान चौपाल का आयोजन पंचायतों में अबतक महज एक खानापूर्ति भर हो रही है।

JagranThu, 28 Oct 2021 04:49 PM (IST)
विभूतिपुर में कृषि चौपाल की हो रही खानापूरी, उठे सवाल

विभूतिपुर। कृषि विभाग द्वारा वित्तीय वर्ष 2020-21 रबी मौसम के लिए निर्देशित किसान चौपाल का आयोजन पंचायतों में अबतक महज एक खानापूर्ति भर हो रही है। चौपाल में किसी भी स्तर पर अपनी जिम्मेवारी का निर्वहन नहीं किया जा रहा है। इस बात का अंदाजा सहजतापूर्वक लगाया जा सकता है। बताया जाता है कि किसान चौपाल में पंचायत स्तर पर व्यय की जाने वाली राशि खपाने की जुगाड़ में जिम्मेदार लगे हुए हैं। कृषि प्राद्योगिकी प्रबंध अभिकरण समस्तीपुर द्वारा जारी पत्र यह बता रहा है कि चौपाल में 150 किसान और पदाधिकारी के अल्पाहार के लिए 3 हजार रूपये, बैठने की व्यवस्था कुर्सी, दरी आदि के लिए 600 रुपये, स्टेज टेबल के लिए 250 रुपये, स्टेज माइक एवं श्रव्य ध्वनियुक्त सामग्री के साथ 1 हजार 200 रुपये और विविध खर्च 50 रुपये मिलाकर एक पंचायत में किसान चौपाल में खर्च करने के लिए 5 हजार 100 रुपये दिए गए हैं। यह अलग बात है कि प्रखंड कृषि विभाग पंचायतों में नियमानुकूल चौपाल आयोजन कराए जाने का दावा कर रही है। मगर, जमीनी हकीकत कुछ और हीं बयां करती है। बताया जाता है कि प्रखंड के विभिन्न पंचायतों में रबी मौसम में किसान चौपाल का आयोजन 25 अक्टूबर से 9 नवम्बर के बीच किया जाना है। यह भी सत्य है कि कागजी तौर पर इसका आयोजन हो भी रहा है। लेकिन, उद्देश्य की पूर्ति नहीं हो पा रही है। किस पंचायत में किस स्थान पर चौपाल का आयोजन होना है, इस जगह का भी खुलासा नहीं किया गया है। यहां तक कि किसानों को भी चौपाल आयोजित होने की जानकारी सही तरीके से नहीं दी जा रही है। किसानों को इस बात का मलाल है कि सरकारी स्तर पर संचालित कार्यक्रम की इसी प्रकार खानापूर्ति होती रहेगी और आलाधिकारी मूकदर्शक बने रहेंगे।

रबी किसान चौपाल का उद्देश्य

पंचायत स्तर पर किसान चौपाल लगाने का मुख्य उद्देश्य कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों के संबंध में किसानों को जानकारी देना, किसानों से आवेदन पत्र प्राप्त करना, बागवानी फसलों विशेषकर सब्जियों के जैविक उत्पादन पर किसानों को प्रशिक्षित एवं प्रोत्साहित करना, पंचायत में मिट्टी एवं उपलब्ध संसाधन के अनुसार फसल विशेष का चयन कर खेती करने का सुझाव देना, जल जीवन हरियाली एवं जलवायु अनुकूल खेती के विषय में किसानों को जानकारी देना, पराली नहीं जलाने, तेलहनी, दलहनी फसलों में कीट व्याधि के प्रकोप को कम करने हेतु वैज्ञानिक तरीके से खेती विशेषकर अंतवर्ती फसलों के साथ सब्जी आदि के उपयोग पर विशेष रूप से प्रशिक्षित करना, समस्याओं का समाधान कृषि वैज्ञानिकों एवं प्रसार कर्मियों द्वारा किया जाना, कृषक हित समूह, महिला खाद्य सुरक्षा समूह एवं किसान उत्पादक संगठन का निर्माण कर अधिक उत्पादन, बाजारोन्मुखी उत्पादन हेतु प्रेरित करना शामिल है। इसके अलावा अधिकाधिक महिलाओं की सहभागिता सुनिश्चित करना, 2022 तक कृषकों की आय दुगुनी करने के लिए उपायों, तकनीकी का प्रयोग करने की जानकारी उपलब्ध कराना समेत कई प्रकार की जानकारियों से किसानों को अवगत कराना था। लेकिन, सरकार के इस निर्देश के विपरीत किसान चौपाल का आयोजन सिर्फ कागजी तौर पर किए जाने की पुष्टि प्रगतिशील किसान कृष्णदेव प्रसाद सिंह, प्रखंड आत्मा सदस्य रामचंद्र महतो समेत दर्जनों किसान करते हैं। वर्जन :

किसान चौपाल का आयोजन निर्धारित रोस्टर के मुताबिक पंचायतों में करने का आदेश दिया गया है। प्रखंड मुख्यालय में लोगों को सूचना के लिए होर्डिग लगाया गया है। जिसमें पंचायतवार चौपालों की तिथि निर्धारित है। पंचायतों में लगने वाले चौपाल और उस पर होने वाले व्यय की भी पूरी जानकारी प्राप्त की जा रही है। चौपाल में उद्देश्य के मुताबिक जानकारी देने पर बल दिया जाएगा।

अवधेश कुमार, प्रखंड कृषि पदाधिकारी, विभूतिपुर

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