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PM ओली के बयान के बाद अब नेपाल के ठोरी में लोगों ने मनाई दीपावली, बोले- यहीं है रामलला की जन्मभूमि

पश्चिम चंपारण (भितिहरवा), जेएनएन। राम जन्मभूमि को लेकर नेपाल के प्रधानमंत्री ओली के विवादित बयान के बाद भारत- नेपाल सीमा के भिखनाठोरी बॉर्डर के समीप गांवों में दीपावली मनाई गई। गुरुवार को सीमा पर नो मेंस लैंड पीलर नं 436 के पास नेपाली अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों का दिन भर जमावड़ा लगा रहा । सीता गुफा के समीप पूजा अर्चना भी की गई। इन लोगों का मानना है कि नेपाली प्रधानमंत्री केपी ओली के विवादित बयान के अनुसार राम का जन्म नेपाल के ठोरी में हुआ था ।

परसा जिला के ठोरी के गौतमनगर, रामनगर, चौक बाजार के वार्ड नं 1, 2, 3, 4 व 5 के लोगों ने उत्सव के रूप में इस दिन को मनाया। सैकड़ों की संख्या में नेपाली नागरिक व जनप्रतिनिधि ने नो मैंस लैन्ड पर स्थित सीता गुफा के पास आकर अवलोकन किए । नेपाली नागरिकों द्वारा सीता गुफा को ही रामजन्मभूमि होने का दावा किया गया । ठोरी नगरपालिका के वार्ड नं 3 के पार्षद सूर्यबहादुर लामा ने बताया कि ठोरी राम की जन्मभूमि है । पौराणिक मान्यताओं के आधार पर नेपाली प्रधानमंत्री ने घोषणा की है । इससे ठोरी नगरवासी गुरुवार की संध्या सात बजे अपने-अपने घरों में दीप जलाकर दीपावली मनाएं।

 परसा जिला नगरपालिका के सह संयोजक ठाकुर प्रसाद ने बताया ऐतिहासिक रूप से ठोरी हीं रामजन्मभूमि है । नेपाली प्रधानमंत्री ने यह घोषित करके नेपाल की सांस्कृतिक गौरव को पुनर्जीवन दिया है । इधर, एसएसबी 44 वीं बटालियन के भिखनाठोरी बीओपी के इंस्पेक्टर प्रमित कुमार ने बताया कि नो मैंस लैंड के पीलर नं 436 के पास नेपाली नागरिकों की आवाजाही दिखाई दी है। लेकिन वो वापस लौट गए है । किसी भी तरह की कोई संदिग्ध गतिविधि का मामला नही पाया गया है । हालांकि, बॉर्डर पर एसएसबी की नजर है । वरीय अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई है।

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