मुजफ्फरपुर में वायरल बुखार के 43 मरीज भर्ती, 42 हुए डिस्चार्ज

एसकेएमसीएच शिशु रोग विभागाध्यक्ष डा.गोपाल शंकर साहनी ने बताया कि वायरल बुखार के मरीज की संख्या में कमी आई है। 60 बच्चों का इलाज पीकू वार्ड में चल रहा है। सात नए बच्चे आए हंै। स्वस्थ होने पर आठ मरीज को डिस्चार्ज किया गया।

Ajit KumarSat, 25 Sep 2021 11:48 AM (IST)
गंभीर रूप से बच्चे का हो रहा इलाज। फाइल फोटो

मुजफ्फरपुर, जासं। मौसम में उतार-चढ़ाव जारी है। शुक्रवार को वायरल बुखार के 43 नए बच्चे पीडि़त होकर भर्ती हुए । 42 बच्चे क्योर होकर घर गए। अलग-अलग अस्पताल में 105 बच्चों का इलाज चल रहा है। एसकेएमसीएच शिशु रोग विभागाध्यक्ष डा.गोपाल शंकर साहनी ने बताया कि वायरल बुखार के मरीज की संख्या में कमी आई है। 60 बच्चों का इलाज पीकू वार्ड में चल रहा है। सात नए बच्चे आए हंै। स्वस्थ होने पर आठ मरीज को डिस्चार्ज किया गया। उन्होंने बताया कि बच्चों पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है। उनको धूप व बारिश से बचाव करें। अगर बुखार हो तो सीधे सरकारी अस्पताल में लाकर इलाज कराएं। केजरीवाल अस्पताल के केयर टेकर रंजन मिश्रा ने बताया कि उनके यहां 36 बच्चे भर्ती हुए। अभी शिशु वार्ड में 45 मरीज का इलाज चल रहा है। इलाज के बाद स्वस्थ होने पर 36 को डिस्चार्ज किया गया। उन्होंने कहा कि इलाज के लिए जो बच्चे आ रहे हैं, उनको 24 घंटे चिकित्सक की सुविधा मिल रही है। सीएस डा.विनय कुमार शर्मा ने बताया कि पीएचसी स्तर पर वायरल बुखार को लेकर निगरानी चल रही है।

रसोइया, आशा व आंगनबाड़ी कर्मियों ने किया प्रदर्शन

मुजफ्फरपुर :विभिन्न मांगों को लेकर रसोइया, आशा एवं आंगनबाड़ी कर्मियों ने कलेक्ट्रेट पर किया दूसरी बार प्रदर्शन किया। दो दिनों पहले भी इन लोगों द्वारा कलेक्ट्रेट पर मांगों को लेकर जुलूस लेकर पहुंचे थे। आल इंडिया स्कीम वर्कर्स फेडरेशन के अखिल भारतीय हड़ताल के आह्वान पर सभी पहुंचे थे। शहीद खुदीराम बोस स्मारक स्थल, कंपनीबाग से शंभू शरण ठाकुर, राम पुकारी देवी, रामसेवक पासवान, परशुराम पाठक, सुनैना देवी, कामिनी कुमारी, रानी देवी आदि शामिल थे। जुलूस में मध्याह्न भोजन योजना, आइसीडीएस तथा स्वास्थ्य सेवा का निजीकरण बंद करने, स्कीम वर्कर्स को चतुर्थवर्गीय कर्मचारी का दर्जा देने, स्कीम वर्कर्स को प्रतिमाह 21000 मजदूरी देने क मांग की गई। क्वारंटाइन सेंटर पर काम करने वाले स्कीम वर्कर्स के बकाया राशि का भुगतान करना होगा। ईपीएफ देने आदि मांगे रखी गई। कोविड संक्रमित स्कीम वर्कर्स को दास लाख रुपए मुआवजे देने तथा कोविड से मृत स्कीम वर्कर्स को 5000000 मुआवजा देने की मांग की गई। सभा को बिहार राज्य मध्याह्न भोजन कर्मचारी यूनियन (एआइयूटीयूसी) राज्य अध्यक्ष नरेश राम, मोहरम खातून, शत्रुध्न साह, नेवाजन खातून, प्रभादेवी, बिहार विद्यालय रसोईया संघ एक्टू के मनोज कुमार यादव, शत्रुध्न सहनी, महाकांत झा, होली राय, बिहार राज्य मिड-डे मिल वर्कर्स यूनियन (सीटू) से ललिता देवी, विद्यालय रसोइया संघ (एटक) मो. युनूस आदि ने संबोधित किया।  

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