राज्य पुरस्कार से सम्मानित हुए मधुबनी के 11 कलाकार, जानें उनकी उपलब्धियां

उद्योग विभाग के तहत संचालित उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान पटना की ओर से वर्ष 2017-18 के लिए इन कलाकारों का चयन किया गया था। जिला के मिथिला पेंटिंग के 10 एवं लाह चूड़ी के एक समेत कुल 11 कलाकारों को राज्य पुरस्कार मिलने पर कलाप्रेमियों में खुशी का माहौल।

Ajit KumarFri, 17 Sep 2021 01:30 PM (IST)
राज्य पुरस्कार के रूप में कलाकारों को प्रदान किया गया तामपत्र, प्रमाण पत्र। फोटो- जागरण

मधुबनी, जासं। देश-दुनिया में अपनी छटा बिखेरने वाली मिथिला पेंटिंग सहित अन्य विधाओं के जिले के 11 कलाकारों को पटना में राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया गया। पटना के बिहार म्युजियम में आयोजित समारोह में उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने इन कलाकारों को राज्य पुरस्कार से सम्मानित किया। राज्य पुरस्कार के रूप में कलाकारों को तामपत्र, प्रमाण पत्र, शॉल तथा 50 हजार रुपये का चेक प्रदान किया गया। बता दें कि उद्योग विभाग के तहत संचालित उपेंद्र महारथी शिल्प अनुसंधान संस्थान, पटना की ओर से वर्ष 2017-18 के लिए इन कलाकारों का चयन किया गया था। कोरोना काल की वजह से यह पुरस्कार लंबित था। पुरस्कार पाने वाली गजहरा गांव की अंजू देवी मिश्र ने बताया कि वे अभी तक हजारों ग्रामीण महिलाओं को मिथिला पेंटिंग का प्रशिक्षण दे चुके हैं। नेपाली सांसद के आग्रह पर काठमांडु में भी प्रशिक्षण दे चुकी हैं। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद समेत कई केंद्रीय मंत्री इनकी पेंटिंग के मुरीद हैं। 

इन कलाकारों को मिला सम्मान

राज्य पुरस्कार प्राप्त करने वाले मिथिला पेटिंग के कलाकारों में जिले के झंझारपुर के सिमरा गांव की नूतन बाला, मधुबनी शहर के लहेरियागंज के दिनेश कुमार पासवान, पंडौल प्रखंड के श्रीपुरहाटी गांव के सुरेंद्र पासवान, लदनियां प्रखंड के गजहरा गांव की अंजू देवी मिश्र, रहिका प्रखंड के जितवारपुर गांव के इंद्रकांत झा, अमित कुमार झा, पंडौल प्रखंड के ब्रह्मोत्तरा गांव की डॉ.. रानी झा, कलुआही प्रखंड के हरिपुर डीहटोल की ममता देवी, रहिका प्रखंड के बसौली गांव के रौशन कुमार तथा राजनगर प्रखंड के चकदह के प्रियांशु कुमार शामिल हैं। वहीं, लाह चूड़ी के लिए राजनगर प्रखंड के मंगरौनी गांव के राजेंद्र साह को राज्य पुरस्कार प्रदान किया गया।  

बाबा दूधनाथ मंदिर व बनवारी नाथ मठ बनेंगे पर्यटन स्थल

जासं, मुजफ्फरपुर : जिले के दो धार्मिक स्थलों को पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। मुशहरी अंचल के छपरा मेघ स्थित बाबा दूधनाथ मंदिर एवं मणिका विशुनपुर चांद स्थित बाबा बनवारी नाथ मठ का इसके लिए चयन किया गया है।पर्यटन विभाग ने दोनों स्थलों के बारे में डीएम प्रणव कुमार से जानकारी मांगी है।

डीएम को भेजे पत्र में पर्यटन विभाग के विशेष सचिव प्रभाकर ने कहा कि दोनों स्थलों को पर्यटन क्षेत्र घोषित किया जाना है। इसके लिए रिपोर्ट की मांग की गई थी, मगर यह उपलब्ध नहीं कराई गई। उन्होंने दोनों स्थलों के स्वामित्व की पूरी जानकारी देने का आग्रह किया है। इसमें जमीन का नक्शा, अनापत्ति प्रमाणपत्र, निर्माण के बाद रखरखाव की व्यवस्था की रिपोर्ट मंतव्य के साथ उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.