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सुरक्षा चक्र के अंदर रहकर सुनानी पड़ रही फरियाद

मुंगेर । मुख्यमंत्री ने जिले के डीएम, पुलिस कप्तान से लेकर थाना-प्रखंड स्तर तक सप्ताह में एक दिन जनता दरबार लगा कर लोगों की शिकायत सुनने के निर्देश दिए थे। जनता दरबार लग भी रही थी और फरियाद भी सुने जा रहे थे। लेकिन, कोरोना संकट के कारण लगे लॉकडाउन में जनता दरबार भी लॉक हो गया। खैर, लॉकडाउन समाप्त कर दिया गया है। सरकारी कार्यालय खुल गए हैं। लेकिन, जनता दरबार अब तक पुराने स्वरूप में नहीं लौटा है। कोरोना से बचाव के लिए हर कोई सतर्कता बरत रहा है। सरकारी ऑफिस से लेकर थाना और दुकानों में शरीरिक दूरी का अनुपालन किया जा रहा है। यही कारण है कि सुरक्षा चक्र के अंदर रहकर ही फरियादियों को अपनी फरियाद सुनानी पड़ रही है।

अब थानों में भी एक-एक कर फरियादी पहुंचते हैं।

शारीरिक दूरी बनाने के लिए थानों में भी गोले बनाए गए हैं। ताकि एक-एक कर फरियादी अंदर आ सकें। 21 मार्च को विभिन्न थानों एवं कार्यालयों में अंतिम बार जनता दरबार लगी थी। जनता दरबार में 100 से लेकर डेढ़ सौ तक फरियादी पहुंचते थे । लेकिन 25 मार्च को लॉकडाउन के बाद एकाएक फरियादियों की संख्या में भारी कमी आ गई है । अनलॉक वन में भी पूर्व की तरह फरियादी संबंधित कार्यालयों में नहीं के बराबर पहुंच रहे हैं।

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बोले थानाध्यक्ष:

मुफस्सिल थानाध्यक्ष ब्रजेश कुमार ने कहा कि लॉकडाउन के बाद फरियादियों की संख्या नाममात्र हो गई है। वैसे जनता दरबार नहीं लग रहा है, बावजूद थाना में जो फरियादी आते हैं, उनकी शिकायत सुनी जा रही है। मामले के निष्पादन का प्रयास भी किया जा रहा है।

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