जेएमएस कॉलेज में इतिहास एवं उर्दू में शिक्षक नहीं, छात्र छात्राएं परेशान

संवाद सूत्र, मुंगेर : जेएमएस कॉलेज में शिक्षकों का घोर अभाव है। जिसके चलते कॉलेज का शैक्षणिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। कॉलेज में इतिहास एवं उर्दू विषय में एक भी शिक्षक नहीं है। जिसके चलते छात्रों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी होती है। बता दें कि जेएमएस कॉलेज में शिक्षकों के सृजित पद 17 है। जबकि मात्र 8 शिक्षक ही कार्यरत हैं। इतिहास एवं उर्दू विषय में एक भी शिक्षक नहीं है। जबकि इन विषयों में नामांकित छात्र छात्राओं की संख्या लगभग 800 है। बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा चयनित कॉमर्स में एक शिक्षक मधुलिता कुमारी एवं राजनीति शास्त्र में डॉ. कुश कुमार गयासेन ने योगदान दिया है। लेकिन, इतिहास एवं उर्दू में शिक्षक नहीं मिलने से इन विषयों में नामांकित छात्रों को अब भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बिना शिक्षक के छात्र निजी कोचिग के सहारे पढ़ाई करने को विवश हैं। इतिहास और उर्दू जैसे महत्वपूर्ण विषय में शिक्षक नहीं मिलने से छात्रों में आक्रोश गहराने लगा है। कॉलेज के छात्र छात्राओं ने बताया कि कॉलेज में इतिहास एवं उर्दू विषय में एक भी शिक्षक नहीं है। हमलोगों को पढ़ाई करने में काफी परेशानी होती है। हमलोगों ने कई बार इतिहास एवं उर्दू विषयों में शिक्षक की प्रतिनियुक्ति करने की मांग की। लेकिन, इस दिशा में कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। मुंगेर विश्व विद्यालय ने कॉमर्स और राजनीति शास्त्र विषय में एक-एक शिक्षक दिए हैं। लेकिन अभी तक इतिहास एवं उर्दू में एक भी शिक्षक नहीं मिला है। इधर, कॉलेज के प्राचार्य डॉ. राज किशोर प्रसाद सिन्हा ने बताया कि कॉलेज में शिक्षकों के 17 सृजित है। वर्तमान में कॉलेज में आठ शिक्षक ही कार्यरत हैं। मुंगेर विश्व विद्यालय द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से चयनित कामर्स एवं राजनीति शास्त्र में एक एक शिक्षक दिया गया है। इतिहास एवं उर्दू में शिक्षक नहीं मिला है।

1952 से 2019 तक इन राज्यों के विधानसभा चुनाव की हर जानकारी के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.