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पर्यावरण के प्रति समर्पित हैं विश्वनाथ बाबू

मुंगेर । सरकार एक ओर जहां प्रदूषण मुक्त बिहार बनाने को लेकर जल जीवन हरियाली योजना के तहत पौधारोपण अभियान चला रही है। लोगों को पौधा रोपण करने के लिए प्रेरित कर रही है। दूसरी ओर बम्बर गांव के सेवानिवृत शिक्षक विश्वनाथ प्रसाद केसरी जीवन के अंतिम पड़ाव में भी पर्यावरण संरक्षण के प्रति सजग नजर आ रहे हैं। इस उम्र में पौधे में पानी डालने और उनकी देखभाल करने से विश्वनाथ प्रसाद केसरी की दिनचर्या शुरू होती है। सेवानिवृत शिक्षक विश्वनाथ प्रसाद केसरी ने बताया कि पर्यावरण के प्रति बचपन से ही मेरा लगाव रहा है। शिक्षक बनने के बाद विद्यालय में छात्र छात्राओं को पौधारोपण करने के प्रति जागरूक करता रहता था। समय-समय पर पौधारोपण अभियान भी चलाते रहता था। सेवानिवृत्त हो जाने के बाद बम्बर गांव आने पर मैंने अपनी निजी जमीन पर आम, अमरूद, केला, कटहल, नींबू, सागवान, महोगनी, औषधीय पौधे लगाकर प्रत्येक दिन सभी पौधों का सेवा करता हूं। पौधों की सेवा करना ही मेरी जीवन का उद्देश्य है। उनके हौसलों को बम्बर गांव के ग्रामीण सलाम करते है। वे आसपास के गांव के लोगों को भी पौधारोपण करने को लेकर भी प्रेरित करते हैं।

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