बाढ़ के पानी से घिरे करहारा पंचायत के लोगों को अब तक नहीं मिली राहत

मधुबनी । बेनीपट्टी प्रखंड का करहारा पंचायत एक माह से बाढ़ के पानी से चारों ओर घिरा हुआ है।

JagranMon, 26 Jul 2021 11:20 PM (IST)
बाढ़ के पानी से घिरे करहारा पंचायत के लोगों को अब तक नहीं मिली राहत

मधुबनी । बेनीपट्टी प्रखंड का करहारा पंचायत एक माह से बाढ़ के पानी से चारों ओर घिरा हुआ है। यह पंचायत पूरी तरह टापू बन चुका है। बाढ़ ने करहारा, बिर्दीपुर, सोहरौल, करहाराडीह के लोगों को लाचार व विवश बना दिया है। अब जबकि पानी धीरे-धीरे नीचे उतर रहा है, चारों ओर तबाही व बर्बादी की मंजर दिखने लगा है। करहारा-बिर्दीपुर जाने वाली सड़क के लचका पर बाढ़ का पानी अभी भी बह रहा है। सोहरौल गांव में बाढ़ के पानी से सड़क टूट जाने के कारण यातायात ठप है। सोहरौल से बेतौना जाने वाली सड़क के दोनों ओर बाढ़ का पानी लबालब हो गया है। एक माह से बाढ़ के पानी से घिरे लोगों का जीवन बेहाल हो गया है। अधवारा समूह के धौंस, थुम्हानी नदी के उफान का दंश करहारा पंचायत के लोग भुगतने को विवश हैं। सोहरौल गांव में धौंस नदी के पूर्व से टूटे बांध की मरम्मत नहीं हो सकी। यह टूटा तटबंध इस बार लोगों के लिए कहर साबित हुआ। गांव के सड़क से पानी उतर गया, लेकिन तबाही कम होने के बजाय और बढ़ती जा रही है। सोहरौल गांव के रामचंद्र यादव, संजय यादव, रामप्रीत यादव, संजय साह, किशोर पासवान, मुखलाल यादव, मिश्री राम ने बताया कि बाढ़ के पानी से करहारा पंचायत के लोग एक माह से घिरे हुए हैं। चारों ओर चौर में पानी भरे रहने से पशुचारा की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। समय रहते अगर धौंस नदी के टूटे तटबंध को मरम्मत कराया गया होता तो इतनी बड़ी परेशानी नहीं होती। बाढ़ ने लोगों को कंगाल बनाकर रख दिया है। पानी से घिरे गांवों में फूस की कई झोपड़ियां बर्बाद हुई। घर अब कैसे खड़ा होगी, जिसकी चिता लोगों को सताने लगी है। सरकारी स्तर से कुछ भी सहायता नहीं मिल पा रही है।

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