नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश से उफना रही नदियां, लोगों की बढ़ी चिता

मधुबनी। चक्रवाती तुफान यास से पिछले तीन दिनों से नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश के

JagranPublish:Sat, 29 May 2021 10:50 PM (IST) Updated:Sat, 29 May 2021 10:50 PM (IST)
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश से उफना रही नदियां, लोगों की बढ़ी चिता
नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश से उफना रही नदियां, लोगों की बढ़ी चिता

मधुबनी। चक्रवाती तुफान यास से पिछले तीन दिनों से नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में हो रही बारिश के कारण प्रखंड होकर बहने वाली अधवारा समूह की नदियों के जलस्तर में भारी वृद्धि हो रही है। नदियों के जलस्तर में वृद्धि से नदी किनारे बसे दर्जनों गांवों के लोग प्रलयंकारी बाढ़ के डर से सहमे हुए हैं। पिछले वर्ष आई प्रलयंकारी बाढ़ से लोग उबरे भी नहीं थे कि फिर से बाढ़ की आशंका ने उनकी चिता को बढ़ा दिया है। हालांकि, नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन अगर नेपाल के जलग्रहण क्षेत्र में बारिश होती रही तो जल्द ही नदी खतरे के निशान को पार कर सकती है। अगर बाढ़ आई तो नदी किनारे बसे साहरघाट, बसवरिया, पिहवारा, उतरा, बैंगरा, सलेमपुर, बोकहा, पहिपुरा, लोमा, विशनपुर, त्रिमुहान, करहूंआ, अंदौली, पिरौखर सहित करीब दर्जनों गांव में भयंकर तबाही मचाएगी और जानमल की भी काफ़ी क्षति होगी। इन गांवों के लोग अभी से ही बाढ़ की विभीषिका से निपटने की तैयारी में जुट चुके हैं। बता दें कि धौंस नदी का जलस्तर मधवापुर और साहरघाट में, यमुनी नदी का जलस्तर ब्रह्मपुरी में, रातो नदी का जलस्तर पिरौखर में काफी तेजी से बढ़ रहा है। बीते वर्ष आई प्रलयंकारी बाढ़ के दौरान साहरघाट, पिहवारा, विशनपुर, पिरौखर सहित करीब पांच जगहों पर धौंस नदी का सुरक्षा तटबंध टूट जाने से चार दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का पानी ने काफी तबाही मचाई थी। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी टूटे तटबंधों की मरम्मत नहीं कराने से लोग नदियों के जलस्तर में वृद्धि से सहमे हुए हैं। धौंस नदी का सुरक्षा तटबंध पकड़ी, करहूंआ, पिहवारा, ब्रह्मपुरी आदि जगहों पर टूटा हुआ है। कई बार अंचलाधिकारी से टूटे बांध का मरम्मत कराने की गुहार लगाई गई पर विभागीय लापरवाही के चलते टूटे सुरक्षा तटबंध की मरम्मत नहीं होने से लोग बाढ़ की आशंका से भयभीत है। सीओ रामकुमार पासवान ने बताया कि नदियों के जलस्तर पर प्रशासन की पैनी नजर बनी हुई है। किसी भी स्थिति से निपटने के लिए प्रखंड प्रशासन अलर्ट मोड में है।