मांगों के समर्थन में कर्मचारी एवं श्रम संगठनों ने किया रोषपूर्ण प्रदर्शन

मांगों के समर्थन में कर्मचारी एवं श्रम संगठनों ने किया रोषपूर्ण प्रदर्शन
Publish Date:Sun, 09 Aug 2020 10:36 PM (IST) Author: Jagran

मधुबनी। संयुक्त ट्रेड यूनियन समन्वय समिति के आह्वान पर देशव्यापी कार्यक्रम के तहत विभिन्न श्रम संगठनों, अराजपत्रित कर्मियों, एटक, सीटू, किसान सभा आदि के नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने विभिन्न मांगों के समर्थन में समाहरणालय के समक्ष रोषपूर्ण प्रदर्शन किया। इससे पहले रैली निकालकर केंद्र एवं राज्य सरकार की जन विरोधी, श्रमिक विरोधी, कर्मचारी विरोधी, बेरोजगार विरोधी, खेतिहर मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस कार्यक्रम को अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष आनंद मोहन चौधरी, जिला मंत्री गणपति झा, सहायक जिला मंत्री रमण प्रसाद सिंह, चिकित्सा संघ के पूर्व राज्याध्यक्ष विजय कुमार यादव, चिकित्सा संघ के जिला मंत्री प्रीति नारायण दास, शारदानंद झा, श्याम नारायण सिंह, पंचायत सेवक संघ के जिलाध्यक्ष श्याम सुंदर पासवान, एटक के जिला महासचिव सत्य नारायण राय, सिटू के नेता सुनील कुमार मिश्र, किसान सभा के जिला मंत्री मनोज कुमार, राजेश कुमार मिश्र, रामलषण यादव, दिलीप झा, विवेक कुमार आदि ने संबोधित करते हुए केंद्र व राज्य सरकार की नीतियों पर जमकर प्रहार किया। कहा कि सरकार की जनविरोधी एवं कर्मचारी व श्रमिक विरोधी नीतियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बाद में पीएम एवं सीएम के नाम मांगों से संबंधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। विभिन्न श्रम संगठनों से जुड़ी प्रमुख मांगें :

- श्रम कानून में संशोधन एवं श्रमिकों पर लगातार हो रहे हमले पर रोक। सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों एवं प्रतिष्ठानों यथा- रेल, बीमा, बैंक, एयरलाइंस, कोल, आयुध आदि में विनिवेश एवं निजीकरण पर रोक। - प्राकृतिक संसाधनों और एतिहासिक धरोहरों को देसी-विदेशी कॉरपोरेट को सौंपना बंद हो। महंगाई पर रोक लगे। मनरेगा के तहत वर्ष में कम से कम दो सौ दिन रोजगार व न्यूनतम पांच सौ रुपये मजदूरी का भुगतान। - नई पेंशन योजना के अंतर्गत नियुक्त सभी कर्मियों को पुरानी पेंशन योजना का लाभ। सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा 23 जुलाई 2020 को जारी आदेश तत्काल वापस ली जाए।

- ठेका, अनुबंध, आउटसोर्सिंग पर बहाली के बदले नियमित बहाली हो। कर्मचारियों एवं शिक्षकों के रिक्त पदों को नियमित बहाली से भरा जाए। आशा, ममता, वैक्सिन कुरियर, सिचाई विभाग अंतर्गत कार्यरत मौसमी कर्मियों को सरकारी सेवक घोषित किया जाए व न्यूनतम मजदूरी 26 हजार रुपये मिले। - ससमय वेतन, मानदेय, प्रोत्साहन राशि का भुगतान। वर्ष 2013 के बाद सभी प्रकार की हड़ताल अवधि को उपार्जित अवकाश में विनियमित किया जाए। कारोना योद्धाओं को एक माह के मूल वेतन के समतुल्य अतिरिक्त वेतन का अविलंब भुगतान। कर्मचारियों पर मनगढ़ंत आरोप लगाकर महामारी एक्ट के तहत कार्रवाई करने पर रोक लगे।

- जबरिया रिटायरमेंट पर रोक लगाया जाए। अनुबंध एवं संविदा पर बहाल कर्मियों को नियमित कर सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए।

- मधुबनी जिले को बाढ़ग्रस्त क्षेत्र घोषित किया जाए और बाढ़ व अतिवृष्टि से प्रभावित परिवारों को शीघ्र सहायता उपलब्ध कराया जाए। बाढ़-सुखाड़ का स्थाई समाधान। निजी कंपनियों में कार्यरत श्रमिकों की छंटनी पर रोक लगे।

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