जेल में बंद शिक्षक पर विभागीय कार्रवाई नहीं होने से उठ रहे सवाल

मधुबनी। अंधराठाढ़ी प्रखंड क्षेत्र स्थित राजकीय मध्य सह उत्क्रमित उच्च विद्यालय रुद्रपुर का एक शिक्ष्

JagranPublish:Mon, 24 May 2021 11:23 PM (IST) Updated:Mon, 24 May 2021 11:23 PM (IST)
जेल में बंद शिक्षक पर विभागीय कार्रवाई नहीं होने से उठ रहे सवाल
जेल में बंद शिक्षक पर विभागीय कार्रवाई नहीं होने से उठ रहे सवाल

मधुबनी। अंधराठाढ़ी प्रखंड क्षेत्र स्थित राजकीय मध्य सह उत्क्रमित उच्च विद्यालय रुद्रपुर का एक शिक्षक हत्या का प्रयास जैसे अपराध के आरोप में पिछले माह से जेल में बंद है। लेकिन इस शिक्षक के खिलाफ अब तक किसी भी तरह की कोई विभागीय कार्यवाही नहीं की गई है। जबकि इस शिक्षक के विरुद्ध अप्रैल में ही डीपीओ स्थापना को आवेदन देकर कार्यवाही का अनुरोध किया गया था। मगर एक महीना बीत जाने के बाद भी उनके खिलाफ किसी तरह की कोई विभागीय कार्यवाही नहीं की गई है। प्रखण्ड शिक्षा विभाग और स्कूल इस बारे में कोई भी जानकारी होने से ही इनकार करता है। स्कूल के द्वारा उन्हें बिना सूचना के गायब मानते हुए उनका खिलाफ कोई भी कदम नहीं उठाया गया है।

----------------

क्या है मामला :

शिवकांत यादव थाना रुद्रपुर के भगवतीपुर के निवासी हैं। वो प्रखण्ड के राजकीय माध्य सह उत्क्रमित उच्च विद्यालय रुद्रपुर में नियमित सहायक शिक्षक के पद पर कार्यरत हैं। पिछले महीने 12 अप्रैल को उनके खिलाफ थाना कांड संख्या 35/21 दर्ज किया गया। शिव कांत यादव का अपने पाटीदार से झगड़ा हुआ था। उस झगड़े को लेकर दोनों पक्षों द्वारा रुद्रपुर थाना में मामला दर्ज कराया गया था। उस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों से तीन-तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। उस कांड में पुलिस ने आरोपी शिक्षक के खिलाफ महिला के साथ छेड़खानी, हत्या करने की कोशिश संबंधी धारा-307 सहित अन्य धाराओं में उन्हें गिरफ्तार किया था। फिलहाल वो न्यायिक हिरासत में उपकारा झंझारपुर जेल में बंद है।

--------------------

अब तक कोई कार्यवाही नहीं :

डीपीओ को दिए आवेदन में उनके खिलाफ उचित विभागीय कार्यवाही का अनुरोध किया गया था। पिछले महीने के 24 अप्रैल ये आवेदन डीपीओ ऑफिस को दिया गया था। मगर आरोपी शिक्षक के खिलाफ अबतक कोई विभागीय कार्रवाई नहीं होना कई सवालों को जन्म दे रहा है। इस बारे में पूछने पर डीपीओ-स्थापना ने इसकी जानकारी होने से इनकार किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें इसकी पूरी जानकारी नहीं है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि ऐसे मामलों में विभागीय कार्यवाही होना चाहिए था। उनके अनुसार कोरोना को लेकर कर्मियों की अनुपस्थित से मामले में देरी इसका एक कारण हो सकता है। उन्होंने ये भी कहा कि जल्द ही वो पूरे मामले को पता कर उचित अनुशासनात्मक कार्यवाही करेंगे।