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पैक्सों ने धान खरीद में किया विलंब, खामियाजा भुगत रहे किसान

पैक्सों ने धान खरीद में किया विलंब, खामियाजा भुगत रहे किसान

मधुबनी। जयनगर अनुमंडल के विभिन्न पंचायतों में धान का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों में त्राहि

JagranFri, 08 Jan 2021 12:10 AM (IST)

मधुबनी। जयनगर अनुमंडल के विभिन्न पंचायतों में धान का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसानों में त्राहिमाम की स्थिति बनी हुई है। किसान अपने खून-पसीने की मेहनत को औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हो रहे हैं। इलाके के लघु एवं सीमांत किसान धान बेचकर ही रबी फसल गेहूं की बुआई करते हैं। किसानों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि उनकी फरियाद सुनने वाला कोई नहीं है। कई पैक्सों ने धान अधिप्राप्ति में अनावश्यक विलंब किया जिसके कारण सीमावर्ती इलाकों में बिचौलिए सक्रिय रहे। पैक्स अध्यक्ष किसानों की अपेक्षा बिचौलियों से धान की खरीद कर अपनी कमाई की जुगत में लगे रहते हैं।

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औने-पौने दाम पर धान बेचने को मजबूर हुए किसान :

किसान अपने धान के फसल को आठ से दस रुपये प्रति किलो बेचने को मजबूर हैं। जिसमें किसानों को लागत मूल्य भी ऊपर नहीं हो रहा है। किसान सरकार द्वारा धान खरीद की प्रक्रिया धीमी होने से परेशान हैं। किसान रबी फसल गेहूं एवं अपने घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए कम कीमत पर ही धान बेचने को मजबूर हैं।

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कम आमदनी व बढ़ती महंगाई से किसान परेशान :

बढ़ती मंहगाई के बीच धान का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान अपनी जरूरतों को भी पूरा नहीं कर पा रहे हैं। कमलावारी से सुशील कुमार, दिनेश कुमार, धमिया पट्टी के रामसेवक ठाकुर, मनोज ठाकुर, महेंद्र मंडल, गोपाली पासवान समेत अन्य गांव के किसानों ने बातचीत के क्रम में अपना दुखड़ा व्यक्त करते हुए कहते हैं कि इस बार हमलोग दोहरी मार झेल रहे हैं। एक तो अंतिम समय में खेतों में लगे धान के फसल पर अनजान कीड़ों के प्रकोप के कारण धान की उपज कम हो गई, दूसरी तरफ धान का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उस पर बढ़ती महंगाई के कारण हालत दयनीय बन गई है। पांच किलो धान बेचने के बाद एक किलो आलू खरीद पा रहा हूं। सहज किसानों की स्थिति का आकलन किया जा सकता है।

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अनुमंडल क्षेत्र में अब तक 35 फीसद धान अधिप्राप्ति :

बीसीओ शिवदर्शन पासवान ने बताया कि 15 पैक्स में से 13 पैक्स के द्वारा धान की खरीदारी की जा रही है। 20 हजार क्विंटल धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य है। अब तक लगभग सात हजार क्विंटल यानी कि 35 फीसद धान अधिप्राप्ति हुई है। राज्य खाद्य निगम के द्वारा मिल को टैग नहीं किए जाने के कारण भी धान खरीद प्रभावित है।

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