स्वास्थ्य केंद्र ही बीमार, कैसे हो मरीजों का इलाज

संवाद सूत्र गम्हरिया (मधेपुरा) तमाम दावे व सरकारी कवायद के बावजूद गम्हरिया प्राथमिक स्वास्थ्य

JagranFri, 29 Oct 2021 12:12 AM (IST)
स्वास्थ्य केंद्र ही बीमार, कैसे हो मरीजों का इलाज

संवाद सूत्र, गम्हरिया (मधेपुरा) : तमाम दावे व सरकारी कवायद के बावजूद गम्हरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की सेहत ठीक नहीं है। उप स्वास्थ्य केंद्र से अपग्रेड होकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिले 13 साल बीत चुका है। इसके बाद भी संसाधनों की कमी व जगह की दिक्कत बेहतर स्वास्थ्य सेवा प्रदान करने में बाधक बन रहा है। स्वास्थ्य सेवा की बात करें तो यहां सवा लाख से ज्यादा की आबादी वाले इलाके के लोगों के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी है। पीएचसी के लिए जगह उपलब्ध कराने को लेकर कई बार चिकित्सा पदाधिकारी डा. डीएन चौधरी ने विभाग व अंचल स्तर पर पत्राचार कर चुके हैं। चिकित्सा पदाधिकारी ने बताया कि आबादी के हिसाब से यहां औसतन दो सौ से अधिक मरीज ओपीडी में देखा जाता है। सभी मरीजों को पीएचसी में उपलब्ध दवा दी जाती है। उन्होंने बताया कि ओपीडी व आइपीडी के लिए अधिकांश दवा सरकारी तौर पर ही उपलब्ध कराया जाता है। पीएचसी में सभी प्रकार के टीके सहित कोविड के टीके उपलब्ध है। कुत्ता काटने या सांप डसने आदि की दवाई उपलब्ध है। टीबी बीमारी व कुष्ठ आदि का भी इलाज की सुविधा दी जा रही है। मरीज के लिए शुद्ध पेयजल की व्यवस्था नहीं रहने के कारण मरीज व उनके स्वजनों को परेशानी होती है। साफ-सफाई के मामले में ठीक नहीं है। अस्पताल परिसर में यत्र-तत्र मेडिसिन के कचरा फेंका हुआ दिखा। इस प्रकार के लापरवाही से संक्रमण बढ़ने का खतरा हो सकता है। ओपीडी में मरीज देख रहे आयुष चिकित्सक डा. बिनोद प्रसाद ने बताया अस्पताल में सभी प्रकार की दवाईयां उपलब्ध है।

कम जगह के कारण होती है परेशानी पीएचसी में जगह का काफी अभाव है। अस्पताल में 16 बेड लगाए गए हैं। कम जगह के कारण मरीज को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। एक बरामदे पर ही आठ-नौ बेड लगे हैं तो अंदर कमरा में सात बेड लगाया गया है। सवा लाख की आबादी पर 10 चिकित्सक प्रखंड के आठ पंचायत के 98 वार्ड की आबादी करीब सवा लाख के है। इतनी बड़ी आबादी के स्वास्थ्य का जिम्मा मात्र दस चिकित्सकों के भरोसे चल रहा है। जबकि यहां तरकीबन डेढ़ सौ से दो सौ के आसपास मरीज नित्य दिन देखे जाते हैं। यद्यपि सीमावर्ती जिला सुपौल के कुछ गांव जो गम्हरिया से सटे हैं, वहां के मरीजों का भार भी पीएचसी पर रहता है।

पीएचसी के अलावा है एक अतिरिक्त व11 उपस्वास्थ्य केंद्र गम्हरिया पीएचस की बात करें तो यहां पीएचसी के अलावा एक अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र व 11 उप स्वास्थ्य केंद्र है। मगर सिर्फ दिखावे के लिए। यहां कहने को तो दस चिकित्सक पदस्थापित हैं। इसमें एमबीबीएस छह, दंत चिकित्सक एक, आयुष एक व दो आरबीएसके के चिकित्सक हैं। जबकि 15 एएनएम व सात कर्मचारी कार्यरत हैं। जीएनएम, फर्मासीस्ट, ड्रेसर, क्लर्क आदि जैसे कई पद है जो रिक्त पड़ा है। पीएचसी में लगभग सभी दवा उपलब्ध है। उपलब्ध दवा के अनुसार पर्ची पर दवा भी लिखा जा रहा है। कुछ दवाएं ऐसी भी है जो मरीज को बाहर खरीदना पड़ता है।

बिना फार्मासिस्ट के ही होती है दवा वितरण विभाग की विडंबना ही है कि गम्हरिया पीएचसी में फर्मासीस्ट पद पर आज तक किसी को पदस्थापित नहीं किया गया। चिकित्सकों के द्वारा लिखे दवा को वितरण करना व दवा की भंडारण आदि कामों के लिए कोई स्टाफ नहीं है। स्थानीय स्तर पर पीएचसी प्रशासन अपने स्तर से दवा काउंटर पर कर्मी दिया है। जो दवा वितरण करता है।

अधिकांश पद वर्षों हैं खाली गम्हरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत पदों के विरूद्ध कई पद वर्षों से खाली पड़े हैं। ऐसे में स्वास्थ्य व्यवस्था को दुरूस्त रखना संभव नहीं है। स्वीकृत पदों में लिपिक के एक पद, फर्मासिस्ट के एक तो स्वास्थ्य प्रशिक्षक के एक, चक्षु सहायक पद के एक, ड्रेसर के एक पद एलएचवी के एक पद और महिला-पुरूष कक्ष सेवक के पद खाली है। जबकि अतिरिक्त केंद्र फुलकाहा की बात करें तो यहां भी दो चिकित्सक व दो एएनएम को छोड़कर सभी पद रिक्त पड़े हुए हैं।

पीएचसी को है एंबुलेंस की दरकार गम्हरिया पीएचसी में दो एंबुलेंस में से एक एंबुलेंस वर्षों जो खराब है। एक एंबुलेंस जननी के कार्य में लगा रहता है। यहां एंबुलेंस की जरूरत है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को कम से कम दो एंबुलेंस की आवश्यकता है। ताकि गांव में बसे लोंगो को इसका लाभ मिल सके। दुर्घटना आदि जगहों पर बिना देर किए एंबुलेंस की सुविधा मुहैया होनी चाहिए।

कई उप स्वास्थ्य केंद्र हैं भवन विहीन गम्हरिया पीएचसी के अलावा एक अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र व 11 उप स्वास्थ्य केंद्र है। इसमें एक अतिरिक्त स्वास्थ्य केंद्र के अलावा मात्र चार उप स्वास्थ्य केंद्र को अपना भवन है। शेष उप स्वास्थ्य केंद्र को न तो अपना जमीन है न ही ठौर ठिकाना।

गम्हरिया पीएचसी एक नजर में उप स्वास्थ्य केंद्र से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में अपग्रेड : 2008 में

पदस्थापित चिकित्सक (एमबीबीएस) : 06 दंत चिकित्सक : 01 आयुष चिकित्सक : 01 चिकित्सक (आरबीएसके) : 02 परिवार नियोजन कार्यकर्ता : 01 लैब टेक्नीशियन : 01 लैब टेक्नीशियन सहायक : 01 एएनएम : 15 चतुर्थ वर्गीय कर्मचारी : 05 व्यवस्था एक नजर में भवन की स्थिति : ठीक चिकित्सक, कर्मचारी : 24 घंटे उपलब्ध बिजली : उपलब्ध पेयजल : उपलब्ध बेड की स्थिति : उपलब्ध 16 बेड

वेंटीलेटर बेड : उपलब्ध नहीं आक्सीजन की स्थिति : उपलब्ध दवा : उपलब्ध ऐक्स-रे : उपलब्ध नहीं लैब : संचालित आपरेशन थियेटर : संचालित एंबुलेंस : एक उपलब्ध कोट आबादी के हिसाब से यहां औसतन रोजाना दो सौ से अधिक मरीजों का ओपीडी में इलाज किया जाता है। सभी मरीजों को पीएचसी में उपलब्ध दवा दी जाती है। पीएचसी में सभी प्रकार के टीके उपलब्ध है। कुत्ता काटने या सांप डसने आदि की दवा भी उपलब्ध है। टीबी बीमारी व कुष्ठ आदि बीमारी के इलाज की सुविधा दी जा रही है। -डा. डीएन चौधरी,

प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी,

गम्हरिया (मधेपुरा)

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