चिकित्सकों की कमी मरीजों के इलाज में बन रही बाधक

चिकित्सकों की कमी मरीजों के इलाज में बन रही बाधक
Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 12:52 AM (IST) Author: Jagran

जागरण संवाददाता, मधेपुरा: जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में चिकित्सकों की घोर कमी बनी हुई है। चिकित्सकों की कमी के कारण मरीजों का सही से उपचार नहीं हो पा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक सदर अस्पताल में चकित्सकों की संख्या पहले से बढ़ी है। इसके बावजूद कई विभागों में चकित्सक नहीं हैं। विशेषज्ञ चिकित्सक के अभाव में गंभीर मरीजों को अभी भी बाहर रेफर कर दिया जाता है। राज्य स्वास्थ्य समिति से सामान्य चिकित्सक की संख्या तो कुछ बढ़ा जरूर दी गई। परंतु विशेषज्ञ चिकित्सक का पदस्थापन नहीं किए जाने का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। अस्पताल में कई विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक के पदस्थापित नहीं रहने से संबंधित विभाग के मरीजों को इलाज नहीं हो पा रहा है। लिहाजा संबंधित मरीजों को बाहर रेफर कर दिया जाता है।

54 चिकित्सकों की जगह सिर्फ 31 से चल रहा काम

सदर अस्पताल को राज्य सरकार ने जिला अस्पताल का दर्जा जरूर दे दिया। परंतु जिला अस्पताल की जो सुविधा मरीजों को मिलनी चाहिए वह नहीं मिल पा रही है। अस्पताल में चिकित्सक के स्वीकृत 54 पद के स्थान पर 31 चिकित्सक के भरोसे अस्पताल को चलाया जा रहा है। अस्पताल में जेनरल सर्जन और हड्डी रोग विशेषज्ञ चिकित्सक पदस्थापित रहने के बावजूद मुर्छक नहीं रहने के कारण किसी प्रकार का ऑपरेशन नही हो पा रहा है। इसके अलावा नेत्र रोग विशेषज्ञ, ईएनटी विशेषज्ञ, चर्म रोग विशेषज्ञ चिकित्सक के नही रहने से संबंधित विभाग के मरीजों का इलाज नही हो पा रहा है। उक्त विभाग से संबंधित आने वाले मरीजों को बाहर रेफर कर दिया जाता है।

पदस्थापित चिकित्सको की संख्या का आंकड़ा

स्वीकृत पद - पदस्थापित

फिजिशियन - 3 - 1

जेनरल सर्जन - 3 - 1

स्त्री रोग विशेषज्ञ - 6 - 4

मनोचिकित्सक - 1 - शून्य

चर्म रोग विशेषज्ञ - 1 - शून्य

शिशु रोग विशेषज्ञ - 3 - 2

मुर्छक - 3 - शून्य

ईएनटी विशेषज्ञ - 6 - शून्य

नेत्र रोग विशेषज्ञ - 2 - शून्य

हड्डी रोग विशेषज्ञ - 2 - 1

रेडियोलॉजिस्ट - 1 - शून्य

माइक्रोबायोलॉजिस्ट - 1 - शून्य

सामान्य चिकित्सक: - 20 - 22

दंत चिकित्सक - 1 - शून्य

आयुष फिजिशियन - 4 - शून्य

पैथोलोजिस्ट - 2 - शून्य

सदर अस्पताल में कई विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक के पदस्थापित नहीं रहने के कारण मरीजों को परेशानी जरूर हो रही है। विभाग को संबंधित विभाग के विशेषज्ञ चिकित्सक के पदस्थापन को लेकर बार बार पत्र लिखा जा रहा है। परंतु अबतक विशेषज्ञ चिकित्सक का पदस्थापना नहीं किया जा सका है।

डॉ. सुभाषचंद्र श्रीवास्तव

सिविल सर्जन

मधेपुरा

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