जल संरक्षण है जरूरी, आइए मिलकर लें संकल्प

जल संरक्षण है जरूरी, आइए मिलकर लें संकल्प

मधेपुरा। अमूल्य जल की बर्बादी की जा रही है। पानी का इस्तेमाल तो हम करते हैं लेकिन इसके

JagranSun, 11 Apr 2021 05:59 PM (IST)

मधेपुरा। अमूल्य जल की बर्बादी की जा रही है। पानी का इस्तेमाल तो हम करते हैं, लेकिन इसके बचत के बारे में जारा भी नहीं सोच रहे हैं। परिणामस्वरूप अधिकांश जगहों पर जल संकट की स्थिति पैदा हो चुकी है। यदि हम अपनी आदतों में थोड़ा-सा भी बदलाव कर लें तो पानी की बर्बादी को रोका जा सकता है। बस आवश्यकता है दृढ़ संकल्प लेने की। गंभीरता से अमल करने की। क्योंकि जल है तो हमारा भविष्य है। इसलिए यदि हम पानी की बचत करते हैं तो यह भी जल संग्रह का ही एक रूप है। जल संरक्षण के लिए एक बेहतर उपाय तालाब भी है। लेकिन आज स्थिति यह कि शहर के साथ साथ मुरलीगंज प्रखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में अब तालाब कम देखने को मिल रहा है। जहां है भी तो वह देख-रेख के अभाव में सूखा पड़ा हुआ है। सरकार के जल जीवन हरियाली योजना में लूट मची हुई है। तालाब के जीर्णोद्धार के नाम पे संवेदक थोड़ा बहुत काम दिखाकर पैसे की निकासी कर लेते हैं। लेकिन कोई अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। अगर यही स्थिति रही तो कुछ दिन बाद बूंद बूंद पानी को लोग तरसेंगे। कोट अगर स्थिति यही रही तो कुछ समय बाद जल के लिए हाहाकार मच जाएगा। हमें उतना ही पानी का इस्तेमाल करना चाहिए जितनी की सही मायने में जरूरत हो। लोग नहाने से लेकर अन्य कार्यों में बिना मतलब के बहुत पानी बर्बाद करते हैं। वर्षा का पानी संरक्षित नहीं करते हैं। इसके लिए सचेत नहीं हुए तो आने वाला कल बहुत ही खराब होगा। -ब्रजेंद्र प्रसाद दास, रामपुर जल संरक्षण का प्रयास तीन स्तर पर प्रयास होना चाहिए। व्यक्तिगत, समाजिक व राष्ट्र स्तर पर कार्य होने पर ही बर्बादी रुकेगी। राष्ट्र स्तर पर पानी बर्बादी को लेकर नियम बना देना चाहिए और इसका उल्लंघन करने पर कार्रवाई सुनिश्चित हो। -सुनील कुमार, ईटहरी प्राय: घरों में देखा जाता है कि पानी टंकी में भरने के बाद पानी बह रहा है, लेकिन कोई मोटर बंद करने की जहमत नहीं उठाया जाता है। ऐसा ही रहा तो पानी के लिए दर-दर भटकना होगा। सभी लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक होना पड़ेगा। इतना ही जल संरक्षण के लिए लोगों को जागरूक करना भी आवश्यक है। -विक्रम कुमार सोनू महिलाएं बहुत ज्यादा पानी बर्बाद करती हैं। खासतौर से कपड़ा धोने अधिक पानी का इस्तेमाल किया जाता है। उनको भी अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी और हर किसी को जल संरक्षण के दिशा में काम करना होगा। -दीपक कुमार, मुरलीगंज

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