सरकारी घोषणा के बाद भी नहीं हो रही धान की अधिप्राप्ति

फोटो - 17 एमएडी 43

संवाद सूत्र,बिहारीगंज (मधेपुरा) : बिहार सरकार की घोषणा के बावजूद धान अधिप्राप्ति केन्द्र नहीं खुल पाने से किसान परेशान हैं। किसानों को मजबूर होकर साहूकारों एवं बिचौलिए के हाथों धान बिक्री करना मजबूरी बनी हुई है। पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि पैक्सों व व्यापार मंडलों के पास किसी प्रकार की राशि उपलब्ध नहीं है। विभागीय अधिकारी धान अधिप्राप्ति को लेकर कागजी प्रक्रिया पूर्ण कराने की बातें कहते है। बताते चलें कि सरकार ने 15 नवंबर से धान अधिप्राप्ति की प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा की थी। इसके बावजूद जिले में एक भी धान क्रय केन्द्र चालू नहीं हो सका है। विभागीय स्तर से चयनित समितियों की सूची भी विभाग को नहीं भेजी जा सकी है। इस वजह से कैश क्रेडिट की प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी है। इस स्थिति में पैक्स प्रबंधक एवं व्यपार मंडल धान खरीद करने असमर्थ है। यहीं वजह है कि साहुकारों किसानों से कम कीमत 1300 से 1350 रूपये प्रति ¨क्वटल में खरीद कर बड़े- बड़े शहरों में ट्रक से धान भेजे जा रहें हैं।

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धान अधिप्राप्ति की तैयारी हुई पूरी:

सहकारिता बैंक की समिति पैक्स और व्यपार मंडल को कैश क्रेडिट की राशि निर्धारित करती है। इसका निर्धारण पैक्सों द्वारा धान खरीद के लक्ष्य के आधार पर किया जाता है। जिले में 170 समितियों में संभावित 121 समितियों को धान अधिप्राप्ति का लक्ष्य तो प्राप्त हो चुका है। जिला सहकारिता पदाधिकारी आनंद कुमार चौधरी के अनुसार धान अधिप्राप्ति को लेकर सभी तैयारी पूरी कर ली गई है। जल्द ही जिले में धान अधिप्राप्ति शुरू की जाएगी। पूर्व वर्ष के नियमावली के अनुसार छोटे किसानों से 25 ¨क्वटल धान अधिप्राप्ति करने का प्रावधान है। किसानों को पीएफएमएस के माध्यम से राशि का भुगतान किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से सीधे किसानों के खाते में राशि भेजी जाएगी।

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खाध एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार सरकार के निर्देशानुसार खरीफ विपणन मौसम 2018- 19 के अंतर्गत धान का समर्थन मूल्य साधारण 1750 एवं ए ग्रेड 1770 रूपये प्रति ¨क्वटल निर्धारित किया गया है। जो 15 नवंबर 2018 से 31 जुलाई 2019 तक प्रभावी रहेगा। जिले में कुल 170 पैक्स में 121 पैक्स की सूची धान अधिप्राप्ति के लिए भेजी जा रही है। जल्द ही किसानों धान अधिप्राप्ति केन्द्र पर धान बीक्री कर सकेगें। सरकार द्वारा नई गाइड लाइन नहीं दिया गया है। जिस वजह से गत वर्ष के नियमावली के तहत धान अधिप्राप्ति की जाएगी। बोनस को लेकर किसी प्रकार की सूचना नहीं है।

आनंद कुमार चौधरी

जिला सहकारिता पदाधिकारी

मधेपुरा

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