कोरोना टीकाकरण में गड़बड़झाला का हुआ खेल

कोरोना टीकाकरण में गड़बड़झाला का हुआ खेल

लखीसराय । पड़ोसी जिला जमुई में कोरोना जांच में फर्जीवाड़ा के बाद सरकार द्वारा कार्रवाई क

JagranSat, 27 Feb 2021 07:51 PM (IST)

लखीसराय । पड़ोसी जिला जमुई में कोरोना जांच में फर्जीवाड़ा के बाद सरकार द्वारा कार्रवाई की गई है। इसके बाद राज्य स्वास्थ्य समिति ने सभी जिलों में कोरोना जांच और टीकाकरण को लेकर जांच शुरू की है। हालांकि जिले के स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी जिले में किसी भी स्तर से गड़बड़ी से साफ इंकार कर रहे हैं लेकिन सूत्र बताते हैं कि यहां भी कोरोना जांच और टीकाकरण में गड़बड़झाला का खेल हुआ है। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के बाद 24 फरवरी को बैठक की कार्यवाही का जो पत्र जारी किया है उसमें यह सामने आया है। कोरोना टीकाकरण की जब जांच की गई तो पाया गया कि लखीसराय पीएचसी के प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अनिल कुमार कुशवाहा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सूर्यगढ़ा के स्वास्थ्य प्रबंधक निशांत राज ने कोरोना वैक्सीन लेने वाले स्वास्थ्य कर्मी और फ्रंटलाइन वर्कर का जो डाटा विभाग के पोर्टल पर अपलोड करवाया है उसमें अधिकांश एक ही मोबाइल नंबर का उपयोग किया गया है। सूत्र बताते हैं कि टीकाकरण का लक्ष्य पूरा करने के लिए फर्जी मोबाइल नंबर इंट्री कराई गई है। मामला तूल नहीं पकड़े इसलिए विभाग ने कार्रवाई के बदले दोनों स्वास्थ्य प्रबंधक का स्थानांतरण कर दिया है। डीएम ने इस गड़बड़ी में पीएचसी के डाटा इंट्री ऑपरेटर को भी दोषी पाया। डीएम के आदेश पर सिविल सर्जन डॉ. आत्मानंद कुमार ने बड़हिया रेफरल अस्पताल के डाटा ऑपरेटर विकास कुमार को सूर्यगढ़ा सीएचसी और वहां के डाटा ऑपरेटर दीपक कुमार को बड़हिया स्थानांतरण कर दिया है। साथ ही कार्यों के प्रति लापरवाह बने पीएचसी पिपरिया के डाटा ऑपरेटर गणेश कुमार और पीएचसी लखीसराय के डाटा ऑपरेटर कुश कुमार को कार्य से मुक्त करने से पहले स्पष्टीकरण मांगा गया है। ----

सदर अस्पताल के प्रबंधक की क्रियाकलाप से डीएम नाराज

जिला अस्पताल की बदहाल चिकित्सा व्यवस्था के कारण इलाज के लिए आने वाले हर मरीज का दर्द अस्पताल आने के बाद और बढ़ जाता है। जिलाधिकारी संजय कुमार सिंह ने खुद कई बार निरीक्षण के दौरान वहां की व्यवस्था पर असंतोष जताते हुए अस्पताल प्रबंधक और उपाधीक्षक को व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया है। बावजूद इसके अस्पताल की व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। इससे डीएम नाराज हैं। डीएम ने अस्पताल प्रबंधक के कार्य पर असंतोष जताते हुए सुधार लाने का अंतिम मौका देते हुए अगले चरण में अस्पताल प्रबंधक के स्थानांतरण की कार्रवाई करने का आदेश सिविल सर्जन को दिया है।

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