बड़ा मुद्दा : नाव व चचरी पुल के सहारे आवागमन को मजबूर बड़ी आबादी

बड़ा मुद्दा : नाव व चचरी पुल के सहारे आवागमन को मजबूर बड़ी आबादी
Publish Date:Fri, 25 Sep 2020 04:38 PM (IST) Author: Jagran

- दर्जन भर नदियों से घिरे होने के कारण आवागमन में हो रही परेशानी

मो. जावेद इकबाल, संवाद सूत्र, पहाड़कट्टा (किशनगंज) : किशगनंज जिला महानंदा, मेंची, कनकई, डोक, रेतुआ, बूढ़ी कनकई, चेंगा समेत दर्जन भर नदियों से घिरा है। जिला मुख्यालय से सुदूर ग्रामीण इलाकों तक अब भी सुगम आवागमन बड़ी समस्या बनी हुई है। विकास के इस दौर में भी जिले के दर्जनों पंचायत के लाखों लोग नाव व चचरी पुल के सहारे आवागमन को मजबूर हैं।

चाहे वो दिघलबैंक प्रखंड का सिघीमारी पंचायत हो या टेढ़ागाछ का मटियारी, झुनकी मुसहरा, डाकपोखर। या फिर कोचाधामन, ठाकुरगंज, बहादुरगंज व पोठिया का सुदूर इलाका। ऐसे दर्जनों गांव हैं, जहां जान जोखिम में डालकर ग्रामीण नदी पार कर शहर, बाजार व जिला मुख्यालय आना जाना करते हैं। पोठिया प्रखंड को ही नजीर मानें तो महानंदा व डोक नदी पूरे प्रखंड को दो पाटों में बांटती है।

रायपुर स्थित भेरभेड़ी घाट पर एक अदद पुल का निर्माण नहीं होने के कारण आज भी पोठिया व ठाकुरगंज प्रखंड के दर्जनों गांव की एक बड़ी आबादी छोटी नाव पर जान जोखिम में डालकर नदी पार करती है। महानंदा के पश्चिम छोर पर ठाकुरगंज प्रखंड के भेरभेड़ी, खारूदह, बारहमनी व बरचौंदी के छात्र-छात्राओं को स्कूल कॉलेज जाने के लिए नाव का सहारा लेना पड़ता है। अगर इस घाट पर पुल का निर्माण हो जाय तो ठाकुरगंज प्रखंड के एक दर्जन पंचायत के लोगों को आवागमन में सहूलियत होगी। भेरभेड़ी, बारहमनी, खारूदह, बरचौन्दी, रसिया, हजारी, चौपालघाटी सहित दर्जनों गांव के लोगों के लिए जिला मुख्यालय की दूरी आधे से भी कम हो जाएगी। पोठिया व ठाकुरगंज प्रखंड भी सड़क मार्ग से जुड़ जाएगा। इसी तरह पोठिया प्रखंड के रायपुर, छत्तरगाछ, परलाबाड़ी, जहांगीरपुर, भोटाथाना आदि पंचायत के लोगों के लिए आवागमन की समस्या बरकरार है।

ठाकुरगंज प्रमुख प्रतिनिधि अब्दुल बारी बताते हैं कि भेरभेड़ी घाट पर नाव पलटने से कई बार लोग हादसे का भी शिकार हो चुके हैं। ठाकुरगंज प्रखंड प्रमुख रजिया सुल्तान, पोठिया प्रमुख मो. जाकिर हुसैन, रायपुर मुखिया प्रतिनिधि मो. शब्बीर अहमद, पंसस प्रतिनिधि देवकुमार दास, ग्रामीण संजय दास, जितेन राय, महावीर प्रताप, उमाशंकर, निर्मल दास आदि बताते हैं कि छोटी नाव से हर दिन लगभग हजारों की संख्या में लोग नदी पार करते हैं। पुल निर्माण के लिए स्थानीय विधायक व सांसद से कई दफा गुहार लगाई लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की जा सकी।

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कोट - क्षेत्र के विकास के लिए हमेशा प्रयासरत हूं। किशनगंज विधानसभा अंतर्गत डोक व महानंदा नदी पर 24 पुलों के निर्माण के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। मुख्यमंत्री को भी इन समस्याओं से अवगत कराया गया है। - कमरूल होदा, विधायक, किशनगंज।

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निदान : महानंदा, कनकई, डोक, रेतुआ, बूढ़ी कनकई समेत अन्य नदियों के प्रमुख घाटों पर पुल का निर्माण कराया जाय। इसके साथ ही पुल तक संबंधित गांवों तक सड़क संपर्क बहाल किए जाएं। खासकर डॉ. कलाम कृषि कॉलेज अर्राबाड़ी समेत अन्य प्रमुख जगहों पर पुल निर्माण कराया जाना आवश्यक है।

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