बाढ़ और बारिश से धान पड़ गए काले, नहीं मिल रहे खरीदार

टेढ़ागाछ प्रखंड में धान का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। टेढ़ागाछ के किसान ने बताया कि कर्ज लेकर धान की फसल लगाई थी।

JagranWed, 01 Dec 2021 08:17 PM (IST)
बाढ़ और बारिश से धान पड़ गए काले, नहीं मिल रहे खरीदार

संवाद सूत्र, टेढ़ागाछ (किशनगंज) : टेढ़ागाछ प्रखंड में धान का उचित मूल्य नहीं मिलने से किसान परेशान हैं। टेढ़ागाछ के किसान ने बताया कि कर्ज लेकर धान की फसल लगाई थी। जैसे धान की फसल पक कर तैयार हुई वैसे हाल-फिलहाल आए बाढ़ ने तीन हिस्सा धान की फसल को लगभग बर्बाद कर दिया जो धान बचा है उसे बेचने पर कोई खरीददार नहीं मिल रहा है। कारण धान रंग बिल्कुल मिट्टी के रंग का हो गया है। धान में मिट्टी चिपका है। इस धान का कोई दाम नहीं लगा रहा है।

किसान रवि दास ने बताया कि पैक्स में अभी तक धान की खरीदारी शुरू नहीं हो पाई है और अभी तक विभाग के तरफ से किसानों को किसी प्रकार का मुआवजा भी नहीं मिला है। जिससे मटियारी, डाकपोखर, चिल्हनियां एवं बैगना के किसान परेशान हैं। रबी फसल मक्का एवं गेहूं की बुआई सिर पर सवार है पर किसानों के पास पैसा नहीं है। आखिर करें तो क्या करें। वहीं किसान दुख्खी हैमरम बताते हैं कि यूरिया एवं डीएपी का दाम अधिक होने से मक्का एवं गेहूं में खाद का उपयोग उचित मात्रा में नहीं कर पाते हैं, जैसे-तैसे मक्का लगाए हैं पर अब यह भी भगवान भरोसे है कि फसल कैसी होती है। वहीं टेढ़ागाछ के कृषि पदाधिकारी उदय शंकर ने बताया कि किसानों को खाद की समस्या अब उत्पन्न नहीं होगी। इसके लिए जिला कृषि पदाधिकारी के तरफ से हरसंभव प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि जिन किसानों का बाढ़ के कारण धान की फसल बर्बाद हुई है, वैसे किसानों का किसान सलाहकार के द्वारा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण कराया गया है और जिला पदाधिकारी के समक्ष रख दिया गया है। जिला से आदेश प्राप्त होते ही किसान पोर्टल पर जाकर आवेदन कर उचित मुआवजा राशि प्राप्त कर सकेंगे। फिलहाल किसानों को रबी फसल की बुआई के लिए सरसों के बीज आदि का वितरण विभाग की तरफ से किया गया है।

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