महानंदा, गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी

कटिहार। कोसी के जलग्रहण इलाके तथा पहाड़ पर हो रही बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। सभी आक्राम्य स्थलों पर महानंदा कोसी और गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे के दौरान बढ़ा है जबकि बरंडी नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है।

JagranFri, 18 Jun 2021 05:57 PM (IST)
महानंदा, गंगा और कोसी नदी के जलस्तर में हो रही बढ़ोतरी

कटिहार। कोसी के जलग्रहण इलाके तथा पहाड़ पर हो रही बारिश के कारण नदियों के जलस्तर में वृद्धि दर्ज की गई है। सभी आक्राम्य स्थलों पर महानंदा, कोसी और गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे के दौरान बढ़ा है, जबकि बरंडी नदी का जलस्तर स्थिर बना हुआ है।

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल से मिली जानकारी के मुताबिक झौआ में महानंदा का जलस्तर सुबह छह बजे 28.02 सेमी दर्ज किया गया था। दोपहर 12 बजे नदी का जलस्तर पांच सेमी बढ़ोतरी के साथ 28.07 सेमी दर्ज किया गया। बहरखाल में जलस्तर 27.81 सेमी, आजमनगर में 27.07 सेमी, धबौल में 26.40 मीटर, कुर्सेल में 28117 मीटर दर्ज किया गया। कुर्सेल में महानंदा के जलस्तर में छह सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। दुर्गापुर में 26.16 मीटर तथा गोविदपुर में महानंदा का जलस्तर 24.11 मीटर दर्ज किया गया है। रामायणपुर में गंगा नदी का जलस्तर 24.08 मीटर तथा काढ़ागोला में 25.09 मीटर दर्ज किया गया है। रामायणपुर में गंगा के जलस्तर में दो सेमी तथा काढ़ागोला में चार सेमी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बरंडी नदी का जलस्तर डुमर में एनएच के समीप 27.92 मीटर पर स्थिर बना हुआ है। कुर्सेला ब्रीज के समीप कोसी नदी के जलस्तर में 12 घंटे के दौरान पांच सेमी की वृद्धि दर्ज की गई है। यहां कोसी का जलस्तर 25.58 मीटर दर्ज किया गया है।

पहाड़ पर हुई भारी बारिश तो बौरएगी नदियां

नेपाल में कोसी नदी के जलग्रहण क्षेत्र तथा दार्जिलिग हिल एरिया में भारी बारिश होने से नदियों के जलस्तर में जून माह में ही अप्रत्याशित वृद्धि होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने भारी बारिश को लेकर उत्तर बिहार को रेड जोन में रखा है। पहाड़ पर बारिश होने का असर महानंदा व कोसी के जलस्तर पर असर होता है। सहायक नदियों का जलस्तर बढ़ने से गंगा नदी भी उफनाने लगती है।

जलस्तर बढ़ने से कटाव निरोधी कार्य पर होगा असर

कोरोना संक्रमण और लॉकडाउन के कारण इस वर्ष 15 मई तक कटाव निरोधी कार्य पूरा न हीं किया जा सका। 15 जून तक कटाव निरोधी कार्य पूरा कराने का लक्ष्य रखा गया था। लेकिन इस अवधि में फ्लड फाइटिग का काम पूरा नहीं हो सका। नदियों के जलस्तर में वृद्धि जारी रही तो कटाव निरोधी कार्य पर इसका असर होगा। विभागीय जानकारी के मुताबिक अभी नदियों के जलस्तर में मामूली वृद्धि दर्ज की गई है। इसका असर कटाव निरोधी कार्य पर नहीं होगा। संवेदनशील स्थानों पर स्पर मरम्मत एवं कटाव निरोधी कार्य अंतिम चरण में है।

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