अधर में विभागीय कसरत, तेज होती जा रही कटाव की रफ्तार

कटिहार। मनिहारी में सोमवार की सुबह से रुक-रुक कर चल रही पछुआ हवा के झोंके ने गांधी टोला से सिग्नल टोला तक कई गंगा नदी का कटाव और तेज हो गया है। इधर कटाव पर रोक लगाने को लेकर बाढ़ नियंत्रण विभाग की कसरत अब भी अधर में है। फिलहाल इसका प्रस्ताव ही मुख्यालय को भेजा गया है। फिलहाल गंगा मईया के कृपा पर लोग टिके हुए हैं। केवाला से बाघमारा, गांधी टोला होते हुए सिग्नल टोला तक हो रहे कटाव को लेकर बेबस लोग शासन प्रशासन के खिलाफ भड़ास निकाल रहे हैं। घरद्वार कटने की फिक्र में डूबे लोग बस गंगा मईया से गुहार लगा रहे हैं। फिलहाल पछिया हवा का साथ मिलते ही गांधी टोला से सिग्नल टोला तक कई जगह लुप बनाते हुए गंगा खेती योग्य जमीन को लीलती धीरे-धीरे मानव बसाव की ओर बढ़ती जा रही है। अभी गांधी टोला गांव व रेलवे लाईन से कटाव स्थल की दूरी 100 मीटर तो कहीं 80 मीटर तो कहीं 40 मीटर ही बची है। गंगा के कटाव व शोर से लोगों की बेचैनी बढ़ने लगी है। बता दें कि इस मुद्?दे को लेकर कई बार लोग सड़क पर उतर चुके हैं, लेकिन उसका कोई निदान नहीं निकल पाया है। सिग्नल टोला के जग्गु ने कहा कि जिनगी तबाह भईल गंगा के कटाव से। अभी ले चार साल में धरातल पर काम शुरू नही भईल हो, घुट घुट के जिअ तनी यही टीस है। कहते है कि बैजनाथपुर में कटाव के कारण चौथी बार सिग्नल टोला में घर बनाया था, अब यहां भी गंगा पहुंच चुकी है। गुलाब महतो, बैजू चौधरी, मंटू चौधरी व शिषपाल ने कहा कि गंगा ने कटाव शुरू कर दिया है। यही स्थिति रही तो जल्द ही दूसरे जगह शरण लेना पड़ेगा। वहीं पुरूषोतम पासवान कहते है भईया गंगा जी के कटनिया लाग गईले है,कोई कुछ नय करके। की होतय होते पता नए, सब अईलके देखी देखी जाए छैय। यही पीड़ा व टीस है गांव के हर शख्स की। वार्ड पार्षद युगल पासवान कहते है कि गांव से कई किलोमीटर दूर गंगा बहती थी, पर चार साल के भीतर गंगा नदी खेती योग्य जमीन को काटते हुये गांव से 100 मीटर दूर रह गई है। वहीं बाघमारा पंचायत की मुखिया ममिता देवी कहती है कि गंगा कटाव के कारण चार साल के भीतर पंचायत के सैकड़ों परिवार विस्थापित हो दूसरे जगह शरण लिए हुए हैं। पछिया हवा के कारण कटाव तेज हो गया है। खेती योग्य जमीन गंगा में समा जाने से लोग भूमिहीन हो गए हैं। सरकार को इस दिशा में पहल की मांग की। गंगा नदी के रूख से कुछ दूर पर बसे गांधी टोला के लोग भी आने वाले खतरे के अल्टीमेटम से परेशान है।

क्या कहते हैं कार्यपालक अभियंता

बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता ई. जमील अख्तर ने कहा कि विभाग पूरी तरह सजग है तथा अपने स्तर से इस दिशा में पहल कर रही है। पल-पल की स्थिति से वरीय अधिकारियों को अवगत कराया जा रहा है। कटाव के रोकथाम के लिए तत्काल प्रस्ताव बनाकर भेजा गया है, आदेश मिलते ही कार्य शुरू कर दिया जाएगा।

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