बंगाल का मुर्शीद है सीमांचल में शराब तस्करी का मास्टरमाइंड

बंगाल का मुर्शीद है सीमांचल में शराब तस्करी का मास्टरमाइंड

कटिहार। तमाम कवायद के बाद भी बंगाल से कटिहार सहित सीमांचल के विभिन्न जिलों में शराब तस्

JagranFri, 16 Apr 2021 09:58 PM (IST)

कटिहार। तमाम कवायद के बाद भी बंगाल से कटिहार सहित सीमांचल के विभिन्न जिलों में शराब तस्करी पर ब्रेक नहीं लग पा रहा है। हाल के दिनों में पुलिस व उत्पाद विभाग की कार्रवाई में शराब की बरामदगी के साथ तस्करों की गिरफ्तारी भी हुई है लेकिन तस्कर सिडिकेट का मास्टरमाइंड अब भी पुलिस गिरफ्त से दूर है। गिरफ्तार शराब तस्करों से पूछताछ में पश्चिम बंगाल के दालकोला के समीप का रहने वाला मुर्शीद द्वारा सीमांचल में अवैध शराब की सप्लाई किए जाने की बात सामने आई है। इस गिरोह में मुर्शीद सहित 11 अन्य शातिर तस्कर शामिल है। गिरफ्तारी को लेकर पुलिस ने 11 तस्करों की गिरफ़्तारी को लेकेर वारंट भी लिया है। गिरफ्तारी को लेकर छापामारी की कार्रवाई भी की गई। हर बार तस्कर गिरोह का मास्टरमाइंड चकमा देकर फरार होने में सफल रहा। बताते चलें कि पूर्व में कुमेदपुर के हरि व रवि के मुख्य रूप से सीमांचल में शराब तस्करी में शामिल होने की बात सामने आई थी। हाल के दिनों में कुमेदपुर से शराब की तस्करी कम हुई है। दालकोला तस्करी का मुख्य ट्रांजिट रूट बनता जा रहा है। बंगाल की ओर से आने वाली यात्री सवारी गाड़ियों से भारी मात्रा में शराब की खेप विभिन्न जिलों में पहुंचाई जा रही है। कोरोना संक्रमण के कारण ट्रेनों में चौकसी बढ़ाए जाने के बाद ट्रेनों के माध्यम से भी शराब तस्करी में कमी आई है।

बंगाल की सीमा में चल रहा बिना लाइसेंस शराब दुकान

बंगाल के सीमावर्ती इलाकों में बिना लाइसेंस के चोरी छुपे कई शराब दुकानों का संचालन किया जा रहा है। शराब तस्करों द्वारा गैर लाइसेंसी दुकान से शराब की खरीद कर डिमांड के आघार पर खेप की डिलीवरी की जाती है। तस्कर सिडिकेट ने कमीशन के आधार पर एजेंट को बहाल कर रखा है। एजेंट के माध्यम से शराब की होम डिलीवरी की जाती है। शराब की डिमांड और डिलीवरी के लिए तस्कर गिरोह पुलिस की नजर से बचने के लिए कोड वर्ड का इस्तेमाल करते हैं।

देसी शराब को लेकर 56 पंचायत रडार पर

देसी शराब निर्माण को लेकर जिले की 56 पंचायत को संवेदनशील माना गया है। छापामारी की कार्रवाई एवं शराब की बरामदगी के आधार पर इन पंचायतों पर पुलिस व उत्पाद विभाग खास नजर रख रही है। पिछले दो माह में चिन्हित गांवों में की गई छापेमारी में तटबंध किनारे और खेतों में देसी शराब बनाए जाने का मामला सामने आया है।

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