कैमूर में आवेदनों का ससमय निष्पादन करें बैंक

समाहरणालय के सभागार में सोमवार को उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन की अध्यक्षता में उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक की गई।

JagranPublish:Mon, 13 Sep 2021 11:43 PM (IST) Updated:Mon, 13 Sep 2021 11:43 PM (IST)
कैमूर में आवेदनों का ससमय निष्पादन करें बैंक
कैमूर में आवेदनों का ससमय निष्पादन करें बैंक

कैमूर। समाहरणालय के सभागार में सोमवार को उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन की अध्यक्षता में उद्योग विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षात्मक बैठक की गई। बैठक में जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक द्वारा बताया गया कि मुख्यमंत्री अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति उद्यमी योजना अंतर्गत कुल लक्ष्य 113 के विरुद्ध 352 लाभुकों को प्रथम किस्त, 153 लाभुकों को द्वितीय किस्त एवं 153 लाभुकों को तृतीय किस्त का भुगतान किया जा चुका है एवं मुख्यमंत्री अति पिछड़ा वर्ग उद्यमी योजना अंतर्गत कुल लक्ष्य 130 के विरुद्ध 23 लाभुकों को प्रथम किस्त, 14 लाभुकों को द्वितीय किस्त एवं 9 लाभुकों को तृतीय किस्त का भुगतान किया जा चुका है। मंत्री द्वारा उक्त दोनों योजनाओं में प्रगति लाने का निर्देश दिया गया। बैठक में बताया गया कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए मिले कुल लक्ष्य 39 के विरुद्ध 121 आवेदन प्राप्त हुए हैं। जिसे बैंक को अग्रसारित किया जा चुका है। लेकिन बैंक के द्वारा अब तक केवल पांच आवेदनों को स्वीकृत कर भुगतान किया गया है। मंत्री ने एलडीएम को ससमय आवेदनों का निष्पादन करने की बात कही। मंत्री ने जिला उद्योग केंद्र के निर्माण हेतु सात डिसमिल भूमि चिह्नित करने की बात कही। बैठक में विधान परिषद सदस्य निवेदिता सिंह, डीएम नवदीप शुक्ला, उप विकास आयुक्त कुमार गौरव, अपर समाहर्ता डा. संजय कुमार, निदेशक डीआरडीए अजय कुमार तिवारी, जिला अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी सत्येंद्र कुमार त्रिपाठी एवं अन्य लोग उपस्थित थे।

इथनाल उत्पादन के जरिए मिलेगी चावल की समर्थन मूल्य से भी बेहतर कीमत

संवाद सूत्र, कुदरा: बिहार सरकार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन ने कहा है कि साल भर के अंदर चावल उद्योग की समस्याओं का निराकरण कर दिया जाएगा। 2021 में चावल मिल की समस्याओं के निदान की तरफ ठोस कदम उठाए जाएंगे और 2022 में समस्याओं को शून्य कर दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि इथेनाल के उत्पादन के जरिए सरकार द्वारा घोषित समर्थन मूल्य से भी अधिक चावल की कीमत मिल सकेगी। उन्होंने यह बातें सोमवार को कुदरा में चावल मिल मालिकों के साथ संवाद कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। कार्यक्रम का आयोजन कैमूर जिला राइस मिल एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया था।

मोहनिया के एमएलसी संतोष सिंह ने चावल उद्योग की समस्याएं बताईं। गरीब किसान को बीमार के इलाज के लिए आधी रात को भी पैसे की जरूरत होती है तो चावल मिल मालिक उपलब्ध कराते हैं और उसका ब्याज भी नहीं लेते।