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थाने का हुआ विस्तार, नहीं बदल सकी मालखाने की किस्मत

थाने का हुआ विस्तार, नहीं बदल सकी मालखाने की किस्मत
Publish Date:Thu, 13 Aug 2020 07:53 PM (IST) Author: Jagran

जमुई। जिले के थानों में स्थित मालखानों में पर्याप्त जगह नहीं है। इसके चलते आरोपितों से बरामद अथवा कुर्की के दौरान जब्त किए गए माल को एक स्थान पर नहीं रखा जा पाता है। इन मालखानों में चूहे और दीमक से भी माल कर्मचारी परेशान रहते हैं। कई बार जगह की कमी के चलते माल को परिसर के दूसरे कक्षों में रखना पड़ता है।

आरोपितों के घरों की तलाशी, कुर्की अथवा लावारिस हालत में मिले माल के अलावा थाने की बंदूक, कारतूस थाने की संपत्ति को संबंधित थाने के मालखाने में रखा जाता है। कोर्ट में मामला पहुंचने के बाद यह माल कोर्ट पुलिस के सुपुर्द कर देता है। मालखाने में बरामद हुए माल को सूचीबद्व कर रखने की जिम्मेदारी मालखाने के प्रभारी की होती है। जब मामला कोर्ट में सुनवाई के लिए पहुंचता है उस समय संबंधित जब्त माल साक्ष्य के रूप में पेश किया जाता है। हालांकि कई बार ऐसा देखा जाता है कि थाना के मालखाना का प्रभार लेने से पुलिस अधिकारी दूर भागते हैं। किसी भी सूरत में कोई मालखाना का इंचार्ज नहीं बनना चाहता है। इसके लिए भले ही उसे वरीय पदाधिकारियों से फटकार क्यों न सुनना पड़े। मिलाजुला कर यह स्थिति पूरे जिले की है। चार्ज लेन-देन को प्रभारियों में विवाद व किचकिच होता रहता है, लेकिन सरकारी नौकरी कर रहे हों तो प्रभार तो लेना ही पड़ता है। नगर थाना की बात करें तो पूर्व में थाना का तो विस्तार हुआ, आलीशान बिल्डिग बनी लेकिन मालखाना की किस्मत नहीं बदली। नतीजतन सामान को रखने में माल खाना के प्रभारी को मुसीबत उठानी पड़ती है। कई सामान को खुले में मजबूरन छोड़ना पड़ता है। कुर्की जब्ती से लेकर अन्य जब्त सामान को दूसरे कमरे में रखना पड़ रहा है। मालखाना के लिए बनाया गया कमरा सामानों के सामने काफी छोटा है। अगर जब्त बाइक की बात करें तो वर्षों से दर्जनों ऐसे बाइक थाना परिसर में पड़े हैं जो पूरी तरह सड़ चुके हैं। कई पदाधिकारियों का तबादला हुआ कई लोग आए गए लेकिन सड़ रहे वाहनों पर किसी की दया दृष्टि नहीं हुई और न ही मालखाना के दायरे को बढ़ाया जा सका। माल खाना विभिन्न सामान से पूरी तरह भरा पड़ा है अब जितने भी सामान आ रहे हैं तकरीबन सभी सामानों को अलग कमरे में रखा जा रहा है यह स्थिति करीब करीब सभी थानों की है। उत्पाद कार्यालय की बात करें तो उत्पाद अधीक्षक रजनीश कुमार ने बताया कि जून-जुलाई और अगस्त 12 तक कुल 3144. 70 लीटर विदेशी शराब को नष्ट किया गया है, जबकि 4126. 10 लीटर देसी शराब को भी नष्ट किया गया। इस दौरान 21 वाहन के साथ-साथ 24 लोगों की गिरफ्तारी भी हुई है। टाउन थाना के मालखाना के प्रभारी से जब माल खाना की जानकारी ली गई तो उन्होंने मालखाना में रखे सामान की जानकारी देने से इंकार कर दिया।

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कोट

मालखाना का जगह सीमित है। कीमती सामान को खास कर रखा जाता है। कुर्की के बाद सामान ज्यादा होने की वजह से दूसरी जगह रखा जाता है। जब्त समान सुरक्षित रहे इसपर विशेष ध्यान दिया जाता है।

रामपुकार सिंह, सदर एसडीपीओ, जमुई

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