सड़क और पेयजल के लिए आदिवासियों ने किया एनएच ठप

जमुई। गांव में सड़क,पानी बिजली, नाला सहित अन्य मुलभूत सुविधा बहाल किये जाने की मांग को लेकर ठाढी पंचायत के लकरा, हरियरपुर, हरला, खुटमो, कुरथीया आदि गांवों के सैकड़ों आदिवासियों ने परंपरागत हथियार के साथ मंगलवार को चकाई-जमुई मुख्य मार्ग एनएच-333 को चन्द्रमंडीह थाना अंर्तगत पटना मोड़ के समीप जाम कर दिया। जाम में शामिल सभी आदिवासी हाथ में दर्जनों स्लोगन लिखे नारे लिए हुए थे और तीर-धनुष और ढोल-मांदर के साथ जामस्थल पर जमे हुए थे। सड़क जाम कर रहे आदिवासी सुनील सोरेन,छोटन सोरेन, बड़कू मरांडी, अर्जुन टुडडू आदि ने बताया कि आजादी के 70 साल बाद भी हमलोगों के गांव में सड़क, पानी, नाला आदि की सुविधा नहीं है। सड़क नहीं रहने से कई बार गांव में बीमार हुए लोग समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते हैं और मौत के मुंह में समा जाते है। गांव की बच्चियां समय पर हाईस्कूल नहीं पहुंच पाती हैं। पेयजल की सुविधा नहीं रहने से नदी का पानी पीना पड़ता है। आदिवासियों ने बताया की लकरा गांव में बिजली नहीं पहुंची है। गांव में स्थित विद्यालय में पढ़ाई ठीक से नहीं होती है। शिक्षिका स्कूल नहीं आती है। सात-निश्चय योजना के लाभ से हमलोग वंचित हैं। इधर आदिवासियों द्वारा सड़क जाम कर दिये जाने के कारण सैकड़ों वाहन दोनों और जाम में फंसे रहे और यात्रियों को काफी कठिनाई हुई। बाद में जाम की सूचना पाकर चकाई पुलिस इंस्पेक्टर चंदेश्वर पासवान, चन्द्रमंडीह थानाध्यक्ष एके आजाद, सीओ अजीत झा, अवर निरीक्षक नारायण ठाकुर जामस्थल पर पहुंचे और जाम कर रहे लोगों से उनकी समस्या सुनी। जल्द ही इस दिशा में उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। जिसके बाद आदिवासियों ने जाम हटा लिया।

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