जमुई में लोगों की प्यास बुझाने वाला महकमा मामूली रिपोर्ट देने में पानी-पानी

मुख्यमंत्री के पेयजल निश्चय योजना में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। पहले से ही लगातार पानी नहीं मिलने की मिल रही शिकायतों के बीच अब योजनाओं में व्यापक गोलमाल की भी शिकायतें आने लगी है।

JagranFri, 30 Jul 2021 07:14 PM (IST)
जमुई में लोगों की प्यास बुझाने वाला महकमा मामूली रिपोर्ट देने में पानी-पानी

जमुई। मुख्यमंत्री के पेयजल निश्चय योजना में सब कुछ ठीक-ठाक नहीं चल रहा है। पहले से ही लगातार पानी नहीं मिलने की मिल रही शिकायतों के बीच अब योजनाओं में व्यापक गोलमाल की भी शिकायतें आने लगी है। हर घर नल का जल पहुंचाने की योजनाओं के क्रियान्वयन में गड़बड़झाला की बू को तब और बल मिल जाता है जब एजेंसी से लेकर अधिकारी तक भुगतान रिपोर्ट बताने में आनाकानी कर रहे हों। आलम यह है की लोगों की प्यास बुझाने वाला लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग चंद योजनाओं में भुगतान की अद्यतन स्थिति बताने में ही पानी-पानी हो रहा है। इसके पीछे कार्यपालक अभियंता से लेकर एजेंसी और विभाग के रोकड़पाल की मंशा क्या है, यह तो वही जानें लेकिन विभाग की इस कार्यशैली से उसकी तरफ उंगली उठना लाजिमी है। आखिर तभी तो भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के नेता व आरटीआई कार्यकर्ता गिरीश सिंह ने शिकायत के बाद सूचना का अधिकार कानून के तहत चिन्हित योजनाओं में भुगतान की अद्यतन स्थिति की जानकारी मांगी है। वैसे मामले की शिकायत पर जांच का आदेश मिले भी दो माह से ज्यादा का वक्त गुजर गए लेकिन लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता को इसकी जानकारी भी नहीं है। ---------- यह है मामला लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग अंतर्गत मुंबई की एक कंपनी हेस वाटर इंजीकाम को एक दर्जन से अधिक योजनाएं दो अलग-अलग ग्रुप में आवंटित की गई थी। सिकंदरा प्रखंड के 11 वार्ड अंतर्गत योजनाओं के क्रियान्वयन में कार्य के विरुद्ध अत्यधिक राशि भुगतान की शिकायत आरटीआई कार्यकर्ता गिरीश सिंह ने जिला पदाधिकारी से की थी। मामले में जिला पदाधिकारी ने पंचायती राज पदाधिकारी को जांच का आदेश दिया लेकिन डीपीआरओ ने भी जांच का जिम्मा संबंधित विभाग के कार्यपालक अभियंता एवं संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारियों को सौंप कर कर्तव्य की इतिश्री कर ली। हालांकि इस पर भी आरटीआई कार्यकर्ता ने सवाल उठाते हुए फिर से जिला पदाधिकारी को स्मार पत्र प्रेषित किया जिसमें आरोपी विभाग के अभियंता को ही जांच में शामिल किए जाने के औचित्य पर प्रश्न चिन्ह लगाया है। ------- इन योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायत पेयजल निश्चय योजना के तहत हेस वाटर इंजीनियरिग प्राइवेट लिमिटेड द्वारा क्रियान्वित योजनाओं में गड़बड़ी की जहां शिकायत है उनमें नवाबगंज, धनिमातरी, बिशनपुर, कृपारामडीह, हरिहरपुर, धावाटांड़, भरघरा, गोखुला, रवैय मुसहरी, रामपुर, मौरा वार्ड संख्या छह और सात, राजाडीह तथा रांहन गांव व टोला शामिल है। आरोप है कि इन जगहों में जितना पाइप धरातल पर बिछाया गया उससे कहीं ज्यादा की राशि निकासी कर ली गई। ------- भुगतान की अद्यतन स्थिति बताने में कर रहे टालमटोल कार्यपालक अभियंता अरुण प्रकाश योगदान के बाद से ही भुगतान की अद्यतन स्थिति बताने में टालमटोल कर रहे हैं। इसके पहले तत्कालीन कार्यपालक अभियंता विजय कुमार सिंह भी टालमटोल करते रहे। उनके साथ रोकड़ पाल लाल अनुराग सिंह भी सुर में सुर मिलाकर आज और कल का बहाना करते रहे हैं। ------ कंपनी को भी मालूम नहीं भुगतान की स्थिति कार्य के विरुद्ध कंपनी को कितना भुगतान हुआ इस बात की जानकारी हेस वाटर इंजीनियरिग प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधक दीपक कुमार को नहीं है। पहले तो उन्होंने भी अद्यतन रिपोर्ट उपलब्ध कराने का भरोसा दिलाया लेकिन नजाकत को भांपते ही रिपोर्ट उपलब्ध कराने से आनाकानी करने लगे। अब हकीकत तो जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.