निचले इलाके में तेजी से फैल रहा पानी, 24 हजार की आबादी प्रभावित

गोपालगंज। गंडक के जलस्तर में लगातार हुई बढ़ोतरी के कारण जिले के छह प्रखंड के 56 गांवों में नदी का पानी प्रवेश कर गया है। लगातार नदी का पानी नए इलाकों में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में जिले की 24 हजार से अधिक की आबादी बाढ़ के कारण प्रभावित हुई है। बाढ़ के कारण 2200 से अधिक घरों में नदी का पानी प्रवेश कर चुका है।

JagranSun, 04 Jul 2021 06:14 PM (IST)
निचले इलाके में तेजी से फैल रहा पानी, 24 हजार की आबादी प्रभावित

गोपालगंज। गंडक के जलस्तर में लगातार हुई बढ़ोतरी के कारण जिले के छह प्रखंड के 56 गांवों में नदी का पानी प्रवेश कर गया है। लगातार नदी का पानी नए इलाकों में प्रवेश कर रहा है। ऐसे में जिले की 24 हजार से अधिक की आबादी बाढ़ के कारण प्रभावित हुई है। बाढ़ के कारण 2200 से अधिक घरों में नदी का पानी प्रवेश कर चुका है। ऐसे में लोग अपने सगे संबंधियों के अलावा ऊंचे स्थानों पर शरण लेने को विवश हो गए हैं। बाढ़ के कारण निचले इलाके के गांवों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। प्रशासनिक स्तर पर तमाम इलाकों में कड़ी नजर रखने का निर्देश दिया गया है। बाढ़ नियंत्रण विभाग पूरे जिले में कुल 13 स्थानों तक तटबंध को कमजोर स्थल के रूप में चिह्नित कर वहां अतिरिक्त निगरानी रख रही है।

पिछले तीन दिन से गंडक नदी के जलस्तर में आए तेजी से उछाल के कारण गोपालगंज प्रखंड के अलावा कुचायकोट, मांझा, बरौली, सिधवलिया तथा बैकुंठपुर प्रखंड के दियारा इलाके के बसे गांवों में बाढ़ का पानी तेजी से बढ़ने लगा है। इस बीच पिछले 24 घंटे के दौरान वाल्मीकिनगर बराज से पानी का डिस्चार्ज लेबल दो लाख क्यूसेक से अधिक बने रहने के कारण गंडक नदी तीन स्थानों पर खतरे से निशान से ऊपर बह रही है। नदी का पानी प्रत्येक घंटे नए इलाके में प्रवेश करने के बाद दियारा इलाके के लोगों की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही है। बाढ़ के पानी में घिरे परिवारों के लोग खुद को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने में लग गए हैं। रविवार की शाम पहुंची एनडीआरएफ की टीम ने भी मोर्चा संभाल लिया है। जिलाधिकारी डा. नवल किशोर चौधरी के नेतृत्व में तमाम पदाधिकारी तटबंध की स्थिति पर नजर रख रहे हैं। ताकि तटबंध में रिसाव होने की स्थिति में उसकी तत्काल मरम्मत का कार्य किया जा सके। 42 गांवों का सड़क संपर्क हुआ भंग

गोपानलगंज। गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद कुचायकोट, सदर प्रखंड, मांझा, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर प्रखंड के 40 गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह से टूट गया है। ऐसे में इन गांवों के लोग अपनी जान को जोखिम में डाल कर घरों के सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं। आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि अहिरौली दान से आशा खैरा तक 13 स्थानों पर तटबंध व छरकियों पर नदी का दबाव बना हुआ है। जहां निगरानी के लिए अभियंताओं की टीम को तैनात किया गया है। प्रशासन ने किया 42 गांवों के प्रभावित होने का दावा

गोपालगंज। रविवार को जिला प्रशासन ने गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोत्तरी के बाद 42 गांवों के प्रभावित होने का दावा किया है। प्रशासनिक दावे के अनुसार जिले में गंडक नदी के पानी से सभी गांव घिरे हुए हैं। इन गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए छह सरकारी तथा दस निजी नावों को तैनात किया गया है। अबतक बाढ़ से प्रभावित इलाकों से सैकड़ों लोगों को बाहर निकलने का दावा जिला प्रशासन ने किया है। प्रशासनिक दावों के अनुसार बाढ़ से जिले की करीब 16 हजार की आबादी प्रभावित हुई है।

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