तीज पर्व को लेकर गुलजार रहा बाजार, जमकर हुई खरीदारी

गोपालगंज हरितालिका तीज पर्व को लेकर बुधवार को बाजार गुलजार नजर आया। सुबह से ही जिला म

JagranWed, 08 Sep 2021 11:53 PM (IST)
तीज पर्व को लेकर गुलजार रहा बाजार, जमकर हुई खरीदारी

गोपालगंज : हरितालिका तीज पर्व को लेकर बुधवार को बाजार गुलजार नजर आया। सुबह से ही जिला मुख्यालय स्थित बाजार में कपड़े और श्रृंगार की दुकानों पर काफी भीड़ देखी गई। बड़ी संख्या में महिलाओं ने तीज पर्व को लेकर रंग बिरंगी साड़ियां एवं श्रृंगार के सामानों की खरीदारी की। गुरुवार को सुहागन महिलाएं 24 घंटे का निर्जला व्रत रखेंगी।

तीज पर्व को देखते हुए बुधवार को सुबह से ही कपड़ा व श्रृंगार की दुकानों से लेकर मिठाई तक की दुकानों में लोगों की भीड़ अन्य दिनों की अपेक्षा अधिक रही। सबसे ज्यादा रौनक साड़ी और श्रृंगार सामग्री की दुकानें पर दिखी। महिलाओं की पसंद बनी नेट और शिफॉन की साड़ियों के अलावा अन्य आधुनिक डिजाइन की साड़ियां। पर्व के एक दिन पूर्व बुधवार की सुबह दुकानों के खुलने के साथ ही दुकानों पर लोगों की भीड़ दिखी। दुकानदार भी तीज को लेकर कई तरह की डिजाइनर साड़ियां का स्टॉक कर रखा था। दुकान खुलते ही ग्राहकों खासकर महिलाओं की भीड़ कपड़ा दुकान पर बढ़ गई। महिलाओं ने इस बीच शिफॉन की साड़ी के साथ-साथ वर्क वाले ब्लाउज की खूब खरीदारी की। इसके अलावा दो रंग वाली नेट की साड़ी भी महिलाओं की विशेष पसंद रही। सूती साड़ी की भी खूब बिक्री हुई। अलावा इसके फल की दुकानों पर भी सुबह से लोगों की भीड़ रही। ज्ञातव्य है कि हरितालिका तीज पर्व पर सुहागिन महिलाएं विधि विधान पूर्वक भगवान शिव व पार्वती की आराधना के लिए निर्जला व्रत रखेंगी। 9 सितंबर व्रत धारण करने वाली महिलाएं पूजन करके पति के दीर्घायु की कामना महिलाएं करेंगी।

तीज को लेकर उपहार भेजे जाने का सिलसिला जारी

तीज की रस्म भेजने की अनुपम परंपरा सदियों से चली आ रही है। साड़ी, कपड़ा, फल, मिष्ठान आदि बहू व बेटियों के घर भेजने का सिलसिला बुधवार को पूरे दिन जारी रहा। पर्व पर गौरी-शिव पूजन का महत्व है। बेटी व बहू के वहां विभिन्न उपहारों को भेजने की परंपरा है। महिलाओं में भी पर्व पर मायके व ससुराल से आने वाले उपहार को लेकर उत्साह है। व्रत को लेकर उपहार भेंट करके सुख, समृद्धि, सौभाग्य की मंगल कामना की जाती है।

लोक परंपरा से जुड़ा है पर्व

हरितालिका तीज का पौराणिक महत्व है। प्राचीन काल से महिलाएं व्रत रहती हैं। यह पर्व सभी पापों और सांसारिक पाप को हरने वाला होता है। महिलाओं के सौभाग्य व सम्मान की रक्षा स्वयं भगवान शिव करते हैं। शुभ मुहूर्त में भगवान शिव और मां पार्वती की पूजा फलदायी है। संकल्प शक्ति का प्रतीक पवित्र व्रत हरितालिका तीज भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। चतुर्थी में पारण करने का विवरण मिलता है। लोक मान्यता के अनुसार देवी पार्वती ने व्रत रखा था। नारी सौभाग्य की रक्षा करने वाले इस व्रत को अक्षय सौभाग्य और सुख की लालसा के लिए श्रद्धा, लगन और विश्वास किया जाता है।

पंडित किशोर उपाध्याय

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