फाइलेरिया से बचाव के लिए सार्थक सिद्ध होगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम : डीएम

जागरण संवाददाता गोपालगंज जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का शुभ

JagranTue, 21 Sep 2021 12:00 AM (IST)
फाइलेरिया से बचाव के लिए सार्थक सिद्ध होगा सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम : डीएम

जागरण संवाददाता, गोपालगंज : जिले में फाइलेरिया उन्मूलन के लिए सर्वजन दवा सेवन कार्यक्रम का शुभारंभ सोमवार को समाहरणालय परिसर में जिलाधिकारी डा. नवल किशोर चौधरी ने किया। जिलाधिकारी ने दवा खिलाकर कार्यक्रम की विधिवत शुरूआत की। इस मौके पर डीएम ने कहा कि फाइलेरिया एक लाइलाज बीमारी है। इससे बचाव के लिए प्रत्येक पात्र व्यक्ति को एमडीए दवा का सेवन करना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि फाइलेरिया से बचाव हीं इसका उपचार है। जागरूकता और सावधानी से हीं इस बीमारी से बचाव किया जा सकता है। इसके लिए एमडीए के दौरान दवा का सेवन जरूरी है। फाइलेरिया से बचाव के लिए एमडीए सार्थक सिद्ध होगा। डीएम ने कहा कि घर के सभी सदस्यों को उनके उम्र के अनुसार गोलियां दी जाएंगी और सभी लोगों को अपने सामने ही दवा खिलाना होगा। डीएम ने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं, दो साल से कम उम्र के बच्चों और किसी गंभीर रोग होने पर फाइलेरिया की दवा नहीं खिलानी है। दो से पांच वर्ष तक के बच्चों को डीईसी एक और अल्बेंडाजोल की एक गोली देनी है। पांच से 15 वर्ष तक के बच्चों को डीईसी की दो और अल्बेंडाजोल की एक गोली देनी है। वहीं, 15 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को डीईसी की तीन व अल्बेंडाजोल की एक गोली देनी है। उन्होंने कहा कि अल्बेंडाजोल की गोली हमेशा चबा कर खाएं और खाली पेट कभी भी नहीं खाएं। इस मौके पर सिविल सर्जन डा. योगेंद्र महतो, एसीएमओ, डीएमओ डा. हरेंद्र प्रसाद सिंह सिंह, डीपीएम धीरज कुमार, केयर डीटीएल मुकेश कुमार सिंह, डीपीओ भीएल आनंद कश्यप, पीसीआई आरएमसी बच्चू आलम समेत अन्य मौजूद थे।

30 लाख 286 लाभार्थियों को खिलायी जाएगी दवा

कार्यक्रम के दौरान डीएम ने कहा कि इस अभियान के दौरान पूरे जिले में 30 लाख 286 लाभार्थियों को एमडीए का दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए 2586 ड्रग डिस्टीब्यूटर व 1293 टीम को लगाया गया हैं। निगरानी के लिए 130 सुपरवाइजरों को तैनात किया गया है। डीएम ने कहा कि फाइलेरिया क्यूलेक्स मच्छर के काटने से होने वाला एक गंभीर संक्रामक बीमारी है, जिसे आमतौर पर हाथी पांव भी कहा जाता है। कोई भी व्यक्ति किसी भी उम्र में फाइलेरिया से संक्रमित हो सकता है। फाइलेरिया के प्रमुख लक्षण हाथ और पैर या हाइड्रोसिल में सूजन का होना होता है। प्रारंभिक अवस्था में इसकी पुष्टि होने के बाद जरूरी दवा सेवन से इसे रोका जा सकता है। इसके लिए लोगों में जागरूकता की आवश्यकता है।

जेल और महिला अल्पावास गृह में भी खिलाई जाएगी दवा

उद्घाटन कार्यक्रम के दौरान जिला वेक्टर जनित रोग नियंत्रण पदाधिकारी डॉ. हरेंद्र प्रसाद सिंह ने बताया कि इस अभियान के दौरान इस बार विभाग की ओर से विशेष पहल की गई है। इस बार जेल में बंद कैदियों और महिला अल्पावास गृह में भी दवा खिलायी जायेगी। इसको लेकर माइक्रो प्लान तैयार किया गया है। डीएमओ ने बताया कि गर्भवती महिलाओं और दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह दवा नहीं दी जाएगी। कार्यक्रम में छूटे हुए घरों में आशा कर्मियों द्वारा पुन: भ्रमण कर दवा खिलाई जाएगी।

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