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गोपालगंज के गांवों में सड़कें सूनीं, कोरोना की दूसरी लहर बरपा रही कहर

गोपालगंज के गांवों में सड़कें सूनीं, कोरोना की दूसरी लहर बरपा रही कहर

उचकागांव प्रखंड के डोरापुर गांव के निवासी सुभाष राय बद्री साह गया मांझी रामदेई देवी राकेश राय बलिस्टर मांझी भल्लू कुमार अब इस दुनिया में नहीं हैं। सर्दी जुकाम बुखार तथा सांस लेने में हो रही तकलीफ के कारण इन लोगों ने दम तोड़ दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के कोरोना से जान गंवाने वालों में इन सात लोगों का नाम नहीं है। लेकिन कोरोना के लक्षण वाली बीमारियों से इन लोगों की मौत होने के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। इसी प्रखंड के जमसड़ गांव में 30 से अधिक लोग कोरोना के लक्षण वाली बीमारियों से ग्रसित हैं।

JagranSat, 15 May 2021 08:35 PM (IST)

मिथिलेश तिवारी, गोपालगंज : उचकागांव प्रखंड के डोरापुर गांव के निवासी सुभाष राय, बद्री साह, गया मांझी, रामदेई देवी, राकेश राय, बलिस्टर मांझी, भल्लू कुमार अब इस दुनिया में नहीं हैं। सर्दी, जुकाम, बुखार तथा सांस लेने में हो रही तकलीफ के कारण इन लोगों ने दम तोड़ दिया है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग के कोरोना से जान गंवाने वालों में इन सात लोगों का नाम नहीं है। लेकिन कोरोना के लक्षण वाली बीमारियों से इन लोगों की मौत होने के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। इसी प्रखंड के जमसड़ गांव में 30 से अधिक लोग कोरोना के लक्षण वाली बीमारियों से ग्रसित हैं। अब जिले में उन गांवों की लिस्ट लंबी होती जा रही है, जहां कोरोना के लक्षण वाली बीमारियां लोगों को अपनी चपेट में लेती जा रही हैं। गांवों में सड़कें सूनी पड़ती जा रही हैं। कोरोना अब गांवों में कहर बरपाने लगी है। कोरोना का दूसरी लहर शहरी इलाके से बढ़कर अब गांवों में तेजी से बढ़ रही है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़े भी इसी तरफ इशारा कर रहे हैं। शहरी इलाकों से अधिक संक्रमित मरीज गांवों में मिल रहे हैं। गांवों में सर्दी व बुखार के मामले बढ़ने के बावजूद लोग कोविड टेस्ट से बच रहे हैं। इसके बावजूद गांवों में संक्रमण के आंकड़ों में कमी नहीं आ रही है। आलम यह है कि गांवों में लोगों के मरने का आंकड़ा बढ़ रहा है। मरने वाले कई लोग ऐसे भी हैं, जिनकी कोविड जांच निगेटिव आई, लेकिन सांस से जनित समस्या के कारण उनकी मौत हो गई।

जिले में होली के बाद कोरोना संक्रमण का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। शुरुआत आठ-दस दिनों में संक्रमण के अधिक मामले शहरी क्षेत्र में आने के बाद गांवों में संक्रमण बढ़ना प्रारंभ हुआ। पर्व त्योहार में दूर दराज से लेागों के घर लौटने के दस दिन के बाद गांवों में संक्रमण के आंकड़े तेजी से सामने आने लगे। अप्रैल माह के तीसरे सप्ताह में ग्रामीण इलाके व शहरी क्षेत्र में संक्रमित लोगों का आंकड़ा करीब समान रहा, लेकिन अप्रैल के चौथे सप्ताह में गांवों में संक्रमित लोगों का आंकड़ा शहरी क्षेत्र के आंकड़े से पार कर गया। वर्तमान समय में जिले में कोविड के कुल एक्टिव 1961 मामलों में ग्रामीण क्षेत्र में में 1407 एक्टिव मामले हैं। प्रशासनिक आंकड़ों को मानें तो जिले के 14 प्रखंडों में से आठ प्रखंडों में वर्तमान समय में संक्रमण का ग्राफ सबसे अधिक है।

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ग्रामीण क्षेत्र में तेजी से बढ़ रही कंटेनमेंट जोन की संख्या

गोपालगंज : प्रशासनिक आंकड़े बताते हैं कि शहरी क्षेत्र की अपेक्षा ग्रामीण क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन की संख्या तेजी से बढ़ रही है। वर्तमान समय में जिले के ग्रामीण इलाकों में 312 तथा शहरी क्षेत्र में कंटेनमेंट जोन की संख्या मात्र 82 है। कंटेनमेंट जोन में पाबंदियों को लागू करने का दावा प्रशासनिक स्तर पर किया जा रहा है। लेकिन कंटेनमेंट जोन में पर्याप्त सख्ती नहीं दिख रही है।

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चार प्रखंडों में तेजी से बढ़ रहे संक्रमण के आंकड़े

गोपालगंज : वर्तमान समय में जिले के चार प्रखंडों में कोविड के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इन प्रखंडों में कुचायकोट के अलावा गोपालगंज, बरौली व फुलवरिया प्रखंड शामिल हैं। अलावा इसके भोरे, हथुआ, मांझा, उचकागांव तथा थावे प्रखंड में भी कोविड संक्रमण के आंकड़ों में अपेक्षित कमी नहीं आ रही है।

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इन गांवों में दिख रहा सबसे अधिक संक्रमण

गोपालगंज : जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले के करीब तीन दर्जन गांवों में तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है। इन गांवों में हथुआ प्रखंड के सेमरांव गांव टॉप पर है। इस गांव में वर्तमान समय में कोविड के एक्टिव केस की संख्या 33 है। अलावा इसके पकड़ी श्याम, लुहसी, पेंदूला मिश्र, लाढ़पुर, सदौवा, थावे, नारायणपुर, बेदुआ, पीपरा खास काजीपुर तथा कोन्हवां जैसे गांवों में कोविड के एक्टिव केस की संख्या अधिक है।

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70 से अधिक लोगों की मौत, प्रशासनिक आंकड़ा 36

गोपालगंज : वर्ष 2020 में कोरोना की पहली लहर में जिले में 15 लोगों की कोविड से मौत हुई। इसकी दूसरी लहर में अबतक जिले में 55 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन प्रशासनिक स्तर पर कोरोना की पहली व दूसरी लहर में अबतक केवल 36 लोगों की मौत की पुष्टि की गई है। मौत के आंकड़े भी शहरी क्षेत्र के मुकाबले गांवों में अधिक है।

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कोविड टेस्ट की व्यवस्था पर उठ रहे सवाल

गोपालगंज : ग्रामीण क्षेत्र में कोविड के आंकड़ों में बढ़ोत्तरी के बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में कोरोना जांच की व्यवस्था बेहतर तरीके से नहीं हो पा रही है। ग्रामीण इलाके में लोग खुद सर्दी व बुखार जैसे लक्षणों के बावजूद टेस्ट कराने से बच रहे हैं। ऐसे में जरुरत इस बात की है कि गांवों में कैंप लगाकर कोविड जांच की जाए। ताकि संक्रमण की रफ्तार को कम किया जा सके।

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जिले में कोविड के एक्टिव केस के आंकड़े

कुल एक्टिव केस 1961

शहरी क्षेत्र में एक्टिव केस 554

ग्रामीण क्षेत्र में एक्टिव केस 1407

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