मकसूदपुर गांव में लगी भीषण आग, 30 आवासीय झोपड़ियां राख

मकसूदपुर गांव में लगी भीषण आग, 30 आवासीय झोपड़ियां राख

गोपालगंज प्रखंड के परसौनी खास पंचायत के मकसुदपुर गांव में गंडक नहर के किनारे बसे दलितो

JagranSat, 17 Apr 2021 10:55 PM (IST)

गोपालगंज : प्रखंड के परसौनी खास पंचायत के मकसुदपुर गांव में गंडक नहर के किनारे बसे दलितों की बस्ती में शनिवार को अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना में 30 से अधिक आवासीय झोपड़ियां जलकर राख हो गई। इस घटना में घर के अंदर रखे गए 1.70 लाख रुपये नकदी के अलावा करीब पांच लाख की संपत्ति भी जल गई। अगलगी में दो दुधारु गाय तथा डेढ़ दर्जन बकरियां झुलसकर मर गईं। अगलगी के बाद दलित बस्ती में कोहराम मच गया। अग्नि पीड़ितों में राजेन्द्र राम, रूदल राम, मुकेश राम, देवीलाल राम, सबीर राम, बलिस्टर राम, सुजीत राम, सुदर्शन राम, अमरनाथ राम, संतोष राम, जंगी राम, महान राम, गोविन्द राम, राजेश चौधरी, बबुंती देवी, रितू राम, किसान राम, वृजन राम, रविन्द्र राम, नंदकिशोर राम, हरेन्द्र राम, बलिराम राम आदि शामिल हैं।

बताया जा रहा है कि शनिवार की दोपहर करीब एक बजे दलित बस्ती के राजेन्द्र राम की झोपड़ी में अचानक आग लग गई। अभी लोग कुछ समझ पाते तब तक आग ने कई झोपड़ियों को अपने आगोश में ले लिया। देखते ही देखते करीब ढाई दर्जन झोपड़ियां जल कर खाक हो गई। इसमें दो गाय व डेढ़ दर्जन बकरियां जल कर मर गई। कपड़ा, अनाज, नकद राशि, सामान सहित कई चीजें जल कर नष्ट हो गई। आग की सूचना पर अग्निशमन के तीन वाहन मौके पर पहुंच गए। अग्नि शमन के कर्मियों ने काफी देर के प्रयास के बाद आग पर काबू पाया। इसके पहले स्थानीय लोगों ने अपने स्तर से आग को बुझाने का प्रयास किया। घटना की सूचना पर उचकागांव सीओ रवीश कुमार, पुलिस पदाधिकारी मतीन अहमद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गए तथा आग से हुए नुकसान का जायजा लिया। साथ ही पीड़ितों से मिलकर उनके हालात को जाना। सीओ ने पीड़ितों को तत्काल राहत दिलाने के लिए राजस्व कर्मी को निर्देश दिया। इधर, उचकागांव प्रखंड प्रमुख रामाशीष सिंह, परसौनी खास पंचायत के मुखिया मोहन लाल प्रसाद तथा भाजपा मंडल अध्यक्ष कृष्णा तिवारी ने मौके पर पहुंच कर पीड़ित परिवारों से मिले और अपने स्तर से राहत देने का काम किया। दो परिवारों में चल रही थी शादी की तैयारियां

उचकागांव (गोपालगंज) : मकसूदपुर गांव में आग ने दो परिवारों की आने वाली खुशियों को मातम में बदल दिया है। अग्नि पीड़ितों में विश्वनाथ राम व हरेन्द्र राम भी शामिल हैं। इन दोनों के घर पर शादी की तैयारी चल रही थी। लेकिन आग ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। हरेन्द्र राम के पुत्र दहारी राम तथा विश्वनाथ राम की पुत्री रजांती कुमारी की शादी तय थी। मई माह में होने वाली शादी की तैयारियां दोनों परिवारों में की जा रही थी। इसी बीच हुए इस अग्निकांड ने दोनों परिवारों का सब कुछ तबाह कर दिया। इस घटना के बाद विश्वनाथ राम को अब यह चिता सताने लगी है कि उसकी बेटी के हाथ पीले कैसे होंगे?

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