तेजी से बढ़ रहा गंडक का जलस्तर

गोपालगंज वाल्मिकीनगर बराज से लगातार पानी के डिस्चार्ज का लेबल बढ़ने के बाद गंडक नदी के ज

JagranThu, 22 Jul 2021 09:00 PM (IST)
तेजी से बढ़ रहा गंडक का जलस्तर

गोपालगंज : वाल्मिकीनगर बराज से लगातार पानी के डिस्चार्ज का लेबल बढ़ने के बाद गंडक नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी प्रारंभ हो गई है। नदी के लगातार बढ़ते जलस्तर को देखकर दियारा इलाके के लोगों की मुसीबत और बढ़ने की संभावना व्यक्त की जा रही है। दियारा इलाके लोगों ने बताया कि शुक्रवार तक नदी का पानी नए इलाके में फैल सकता है। इधर गुरुवार को नदी में फिर 1.94 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। यह पानी शुक्रवार तक पहुंचने के कारण स्थिति और बिगड़ने की संभावना है। जलस्तर में असमानता को देखते हुए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अभियंता लगातार तटबंध की निगरानी कर रहे हैं। उधर नदी के पानी में फंसे 43 गांवों के लोगों की मुश्किलें कम होती नजर नहीं आ रही है। बावजूद इसके बाढ़ नियंत्रण विभाग ने नदी के जलस्तर में कमी व बढ़ोतरी के बावजूद तटबंध को पूरी तरह से सुरक्षित बताया है।

पिछले कुछ दिनों से गंडक के जलस्तर में बढ़ोतरी के कारण दियारा इलाके में नदी के जलग्रहण क्षेत्र में बसे 52 गांवों की करीब 25 हजार की आबादी के समक्ष संकट खड़ा हो गया है। पानी में फंसे कुचायकोट के काला मटिहनिया पंचायत के चार गांवों के अलावा सदर प्रखंड के खाप मकसुदपुर, जगीरी टोला, कटघरवा, मेहंदिया, मंझरिया, डोमाहाता, गईता टोला, मांझा प्रखंड के निमुईयां व गौसिया, सिधवलिया प्रखंड के अमरपुरा व सलेमपुर, बरौली प्रखंड के महोदीपुर पकडिया च सल्लेहपुर तथा बैकुंठपुर प्रखंड के प्यारेपुर व मूंजा सहित 18 पंचायतों के 43 गांवों के लोग जलस्तर में कमी नहीं आने को देखते हुए परेशान हैं। इन गांवों के सैकड़ों लोग जहां-तहां शरण लिए हुए हैं। अलावा इसके कई परिवार के लोग अपने घर में ही मकान की छत, मचान व अन्य ऊंचे स्थानों पर शरण लिए हुए हैं। बाढ़ से प्रभावित इलाके के लोगों ने बताया कि बुधवार की शाम से नदी के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। इस कारण अब भी गांवों में दो से तीन फिट तक पानी बह रहा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि लोगों को प्रशासन की ओर से कोई सहायता उपलब्ध नहीं कराया गया है। गुरुवार को सीओ विजय कुमार सिंह ने सदर प्रखंड के रामनगर में पहुंचकर नदी के जलस्तर के बारे में जानकारी प्राप्त की। निरीक्षण के बाद उन्होंने बताया कि तटबंध पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

नियंत्रण कक्ष से रखी जा रही है नजर

प्रशासनिक स्तर पर पिछले एक सप्ताह से वाल्मीकि नगरबराज से पानी छोड़े जाने की स्थिति व जलस्तर में उतार व चढ़ाव को देखते हुए 24 घंटे दियारा इलाके पर निगरानी रखी जा रही है। इसके लिए जिला स्तर पर नियंत्रण कक्ष स्थापित किया गया है। एसडीओ सदर उपेंद्र कुमार पाल ने बताया कि जिले की सभी छरकियों व सारण मुख्य तटबंध पर प्रशासन की लगातार नजर है। इसके लिए बाढ़ नियंत्रण विभाग के अलावा प्रखंड स्तरीय पदाधिकारी लगातार कैंप कर रहे हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.