मुसीबत में दियारा इलाके के बाढ़ पीड़ित, नहीं मिली सहायता राशि

गोपालगंज गंडक नदी के जलस्तर में हर दिन हो रहे उतार चढ़ाव के कारण नदी के पानी से ि

JagranSun, 11 Jul 2021 11:16 PM (IST)
मुसीबत में दियारा इलाके के बाढ़ पीड़ित, नहीं मिली सहायता राशि

गोपालगंज : गंडक नदी के जलस्तर में हर दिन हो रहे उतार चढ़ाव के कारण नदी के पानी से घिरे दियारा इलाके के बाढ़ पीड़ितों की मुसीबत बढ़ती जा रही है। छह प्रखंडों के करीब 55 गांवों के लोग पिछले एक पखवारे से बाढ़ का कहर झेल रहे हैं। आलम यह कि करीब 42 गांवों का सड़क संपर्क पूरी तरह से भंग है। बावजूद इसके प्रशासनिक स्तर पर बाढ़ पीड़ितों को सहायता राशि नहीं मिल सकी है। सहायता के नाम पर प्रभावित इलाकों में नाव की व्यवस्था व कुछ पालीथीन शीट के वितरण के अलावा पीड़ित परिवार के लोगों को कुछ भी नहीं मिल सका है। आलम यह कि आज भी प्रभावित इलाके में लोगों की झोपड़ी के अंदर पानी भरा हुआ है।

वैसे बाढ़ का कहर दियारा इलाके में जून माह के तीसरे सप्ताह से ही प्रारंभ हो गया था। लेकिन जून के अंत में गंडक के जलस्तर में कमी आने के कारण दियारा इलाके के लोगों की जिदगी पटरी पर लौटने लगी थी। लेकिन फिर नदी में वाल्मिकीनगर बराज से पानी का डिस्चार्ज लेबल बढ़ने के कारण प्रभावित इलाके के लोगों की मुसीबत फिर बढ़ गई। पिछले पांच दिन से गंडक नदी में पानी का डिस्चार्ज लेबर 1.80 लाख क्यूसेक से 2.90 लाख क्यूसेक के बीच बना हुआ है। ऐसे में प्रभावित इलाके में नदी के जलस्तर में कमी नहीं आ रही है। ऐसे में गोपालगंज प्रखंड के अलावा कुचायकोट, मांझा, बरौली, सिधवलिया तथा बैकुंठपुर प्रखंड के दियारा इलाके के बसे गांवों में बाढ़ की तबाही तारी है। इस बीच पिछले 72 घंटे से गंडक नदी दो स्थानों पर खतरे से निशान से ऊपर बह रही है। उधर प्रशासनिक स्तर पर तटबंध की सुरक्षा पर ही ध्यान केंद्रित होने के कारण बाढ़ पीड़ितों को अबतक सहायता नहीं मिल सकी है।

42 गांवों का सड़क संपर्क हुआ भंग

गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद कुचायकोट, सदर प्रखंड, मांझा, बरौली, सिधवलिया और बैकुंठपुर प्रखंड के 42 गांवों का सड़क संपर्क 15 दिनों से पूरी तरह से टूट गया है। ऐसे में इन गांवों के लोग अपनी जान को जोखिम में डाल कर लोग घरों के सामान सुरक्षित स्थान पर पहुंचा रहे हैं। इधर जिला प्रशासन ने प्रेस बयान जारी कर गंडक नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी के बाद 43 गांवों के प्रभावित होने का दावा किया है। हालांकि गैर सरकारी आंकड़ों के अनुसार 55 गांवों की 25 हजार से अधिक की आबादी सीधे तौर पर बाढ़ से प्रभावित है।

1.83 लाख क्यूसेक रहा पानी का डिस्चार्ज

दो दिनों तक गंडक नदी में पानी के डिस्चार्ज का लेबल दो लाख से 2.90 लाख क्यूसेक के बीच रहने के बाद शनिवार से नदी में पानी के डिस्चार्ज में हल्की कमी आयी। शनिवार की सुबह गंडक नदी में पानी के डिस्चार्ज का लेबल 1.80 लाख क्यूसेक रहा। लेकिन रविवार को इसमें फिर हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई। रविवार को डिस्चार्ज का लेबल 1.83 लाख क्यूसेक पर पहुंच गया। ऐसे में गंडक नदी के जलस्तर में अगले दो दिनों तक अधिक कमी आने की संभावना नहीं है।

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