Yoga Day 2021: गया के इन लोगों को योग से मिली निरोगी काया, सुनिए इनकी कहानी इन्‍हीं की जुबानी

Yoga Day 2021 आज विश्व योग दिवस है। इस दिवस पर ऐसे दो लोगों से बातचीत की गई जिन्होंने योग से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव महसूस किया। उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिला। एक को किडनी की बीमारी नेफ्रोटिक सिंड्रोम में और दूसरे को डायबिटीज में ऐसे लाभ मिला।

Sumita JaiswalMon, 21 Jun 2021 10:44 AM (IST)
जानिए बिहार के गया जिले के दो लोगों को योग से कैसे मिला लाभ, सांकेतिक तस्‍वीर ।

गया, जागरण संवाददाता। Yoga Day 2021: आज विश्व योग दिवस है। दुनिया भर के लोगों को योग, आयुर्वेद व स्वस्थ दिनचर्या के प्रति जागरूक करने का दिन है। महर्षि पतंजलि ने भारतीय संस्कृति में योग जैसे अनुपम उपहार दिया। महर्षि पतंजलि ने अष्टांग योग की महिमा बताई। इसे स्वस्थ जीवन के लिए महत्वपूर्ण माना गया। संयुक्त राष्ट्र महासभा ने साल 2014 को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस मनाने की घोषणा की थी। इसके बाद से हर साल 21 जून को योग दिवस मनाया जा रहा है। इस दिवस पर ऐसे दो लोगों से बातचीत की गई जिन्होंने योग से जुड़कर अपने जीवन में बदलाव महसूस किया। उन्हें स्वास्थ्य लाभ मिला।

नेफ्रोटिक सिंड्रोम की तकलीफ से योगासन व प्राणायाम ने दिलाई निजात:

उषा किरण -शहर के एपी कॉलनी की 52 वर्षीया उषा किरण किडनी की तकलीफ नेफ्रोटिक सिंड्रोम से ग्रसित थीं। शरीर में बनने वाला प्रोटीन रुकता नहीं था। पेशाब के जरिए बाहर आ जाता था। इसे लेकर उन्होंने अनेक जगहों पर इलाज करवाई। साल 2006 में पटना के डॉ. यूएस राय से इलाज करवाई। इलाज के साथ ही बाबा रामदेव के योग से भी जुड़ी। तब बीमारी से बहुत राहत मिली। डायबिटीज, बीपी, मोटापा, थायराइड सबकुछ ठीक हुआ। उषा बताती हैं उस समय से वह लगातार योग, आसन व प्राणायाम कर रही हैं। अब उन्हें कोई दिक्कत नहीं है। वह अब किसी भी तरह की दवा का भी सेवन नहीं करतीं। विश्व योग दिवस पर उन्होंने कहा कि इंसान यदि अपने डायट को फॉलो करें। नियमित रूप से योग, आसन व प्राणायाम करे तो कभी कोई तकलीफ नहीं होगी। जीवन स्वस्थ व सुखमय रहेगा। उषा बताती हैं कि बीमारी से निजात पाकर असल जिंदगी अब वह जी रहीं हैं। वह नेचुरोपैथी पंचकर्म की जानकारी रखती हैं। इसे भी वह सेहत के लिए जरूरी बताती हैं।

योग से डायबिटीज में मिला लाभ

तालकेश्वर पाठक -सरकारी सेवा से छह साल पहले रिटायर्ड होने के बाद गोसाईंबाग टिकारी रोड निवासी तालकेश्वर पाठक हर दिन योग व प्राणायाम करते हैं। मधुमेह पीड़ित इनकी पत्नी के निधन के बाद इन्होंने योगा को अपने जीवन का हिस्सा बना लिया। प्रेरणा वहीं से मिली। इन्हें पूर्व में जो डायबिटीज था आज वह पूरी तरह से कंट्रोल है। क्रेडिट महर्षि पतंजलि के महान योग को देते हैं। वह बताते हैं कि साल 2012 में उन दिनों की उनकी पो¨स्टग रजौली ब्लॉक में थी। तभी उन्हें घुटने का भयंकर दर्द हुआ था। रजौली संगत में हर दिन चलने वाले योग से वह जुड़े। उनके घुटने का दर्द दूर हो गया। 2015 में रिटायर्ड होने के बाद गया पतंजलि से जुड़े। ताउम्र संकल्प लिया है योग से जुड़े रहेंगे। दूसरों को भी योग व प्राणायाम के प्रति जागरूक करेंगे। वह बताते हैं योग वह औषधि है जो पूरे शरीर को तंदुरुस्त रखती है। स्वस्थ जीवन के लिए जरूरी सभी पौष्टिक आहार उपलब्ध कराती है। तालकेश्वर पाठक आज 70 साल की उम्र में पूरी तह से स्वस्थ हैं।

प्रमुख प्राणायाम व उनके लाभ भ्रस्तिका- सांस संबंधी बीमारी से निजात के लिए कपाल भाति- पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए अनुलोम-विलोम-तंत्रिका तंत्र को दुरुस्त रखने के लिए ।

 

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