गया के विद्यालय में अश्‍लील डांस का वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने दिया जांच का आदेश

गया जिले के बेलागंज प्रखंड में उत्क्रमित मध्य विद्यालय शाकिरबिगहा में अश्‍लील नाच-गाने का वीडियो वायरल होने के बाद इसकी जांच शुरू कर दी गई है। वीडियो में विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नर्तकियाें को सम्मानित करते हुए भी दिख रहे हैं। सोमवार को जांच रिपोर्ट सौंपी जाएगी।

Sumita JaiswalSun, 01 Aug 2021 08:35 AM (IST)
घेरे में विधालय के प्रभारी प्रधानाध्‍यापक, जागरण फोटो।

बेलागंज (गया), संवाद सूत्र। गया जिले के बेलागंज प्रखंड में उत्क्रमित मध्य विद्यालय शाकिरबिगहा में गुरुवार की रात अश्‍लील नाच-गाने का वीडियो वायरल होने के बाद इसकी जांच शुरू कर दी गई है। यहां बड़ी संख्या में बेलागंज एवं आसपास के लोग शामिल हुए थे। इंटरनेट मीडिया पर स्‍कूल में सांस्‍कृतिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लील डांस-गाना का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में  विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक नर्तकियाें को सम्मानित करते हुए भी दिख रहे हैं। बीडीओ कुंदन कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच का निर्देश प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी को दिया गया है। पुलिस भी इस मामले की जांच में जुटी है।

 शिक्षा विभाग और थाना की पुलिस वायरल वीडियो की जांच शुरु कर दी है। हालांकि मध्य विद्यालय साकिरबिगहा के परिसर में फूहड़ नाच-गाने का वायरल वीडियो मामले की जांच में पुलिस कोई सफलता नहीं मिली है। मगर उम्मीद की जा रही है कि सोमवार तक जांच पूरा हो जाएगा। इसके बाद वीडियो में दिख रहे लोगों को चिह्नित करते हुए जांच रिपोर्ट बीडीओ को सौंप दिया जाएगा। उसके बाद कोई कार्रवाई होगी।

सोमवार को सौंपा जाएगा जांच रिपोर्ट

  प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी रामवरण शाह ने बताया कि जांच की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सोमवार को स्थानीय अधिकारी व वरीय अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। वहीं, बेलागंज थानाध्यक्ष सूर्यवीर कुमार गुप्ता ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। दोषियों को चिन्हित कर कोविड नियमों के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

शिक्षा के मंदिर में ऐसे कार्यक्रम शर्मनाक

इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो के बाद क्षेत्र में तरह तरह की चर्चा हो रही है। लोगों का कहना कि एक तरफ कोरोना काल में सभी प्रकार के धार्मिक, मनोरंजन आदि आयोजनों पर सरकार ने रोक लगाई है। वही दूसरी ओर शिक्षा के मन्दिर में वाहियात नाच-गाने का कार्यक्रम होना और उस कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाध्यापक का शामिल होना शर्मनाक है।

विद्यालय को लोग शिक्षा के मंदिर मानते है। जहां शिक्षक  बच्चे को शिक्षा के साथ साथ नैतिकता के पाठ पढ़ाया जाता है। ताकि बच्चे एक सफल नागरिक बन स्वच्छ समाज और देश का निर्माण करे। लेकिन विद्यालय के शिक्षक ही उक्त विद्यालय में नर्तकियों के साथ ठुमके लगाये तो उक्त विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों को एक सफल नागरिक बनने की परिकल्पना बेकार साबित होगी।

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