चोरी-छिपे बिक रही यूरिया, गया में किसान परेशान, कालाबाजारियों की कट रही चांदी

जिले भर में हर तरफ यूरिया की किल्लत से किसान परेशान दिख रहे हैं। शेरघाटी में दिन भर कतार में रहने के बाद भी किसानों को खाद नहीं मिली। अच्छी बारिश के बाद भी खेती-बारी के लिए समय से खाद नहीं मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है।

Sumita JaiswalWed, 22 Sep 2021 08:30 AM (IST)
यूरिया नहीं मिलने से किसन हैं परेशान, सांकेतिक तस्‍वीर।

गया, जागरण संवाददाता। धान की अच्छी पैदावार के लिए समय से यूरिया की दूसरी खेप दी जानी बहुत जरूरी है। ऐसा नहीं होने पर उपज प्रभावित हो सकती है। लेकिन बदइंतजामी इस कदर है कि किसान खाद के लिए हर तरफ परेशान दिख रहे हैं। घंटों तक कतार में लगने के बाद भी किसान को निराश होकर खाद की दुकान से लौटना पड़ रहा है। मंगलवार को जिले में अनेक जगहों पर ऐसी स्थिति रही। शेरघाटी में राममंदिर के बगल में खाद की दुकान पर खाद मिलने की उम्मीद लिए किसान सुबह से दोपहर तक डटे रहे। जब उम्मीद नहीं बंधी तो वापस लौट गए। नाराज किसानों में मायूसी थी।

400 रुपए तक महंगी कीमत पर बिक रही यूरिया की बोरी

जिले में यूरिया खाद की स्थिति ऐसी हो गई है कि 400 रुपए में भी एक बोरी यूरिया नहीं मिल रही है। चोरी-छिपे जहां तहां महंगी कीमत पर यूरिया बेचने की शिकायत मिल रही है। इन सबके बीच कृषि विभाग और जिला प्रशासन मौन है। पर्याप्त मात्रा में समय से खाद उपलब्धता को लेकर पहल नहीं हो रही है।

किसानों की परेशानी

खिजरसराय प्रखंड क्षेत्र में यूरिया मिल ही नहीं रही है। बहुत खोजने पर कहीं मिलती भी है तो कीमत अधिक मांगा जाता है। सरकार किसानों को समय से यूरिया दिलाने में नाकाम रही है।

रामजी सिंह, किसान, इस्माइलपुर।

यूरिया खाद को लेकर हर तरफ किल्लत बनी हुई है। किसानों को एक-दो बोरी खाद भी आसानी से नहीं मिल रही है। विभाग को इस मामले में समय रहते खाद उपलब्ध करानी चाहिए।

भरत प्रसाद, किसान, बहेड़ा।

सुबह से दोपहर तक यूरिया के लिए लाइन में लगा रहा। लेकिन खाद की एक भी बोरी नहीं मिल सकी। हर तरफ यही स्थिति है। खाद को लेकर बहुत परेशानी है।

दिलीप कुमार यादव, किसान, श्रीरामपुर

क्या कहते हैं अधिकारी:

खाद की किल्लत को दूर करने के लिए विभाग लगातार लगा हुआ है। अगले शुक्रवार व शनिवार को जिले में खाद की दो रैक पहुंचने वाली है। करीब 4 हजार मिट्रीक टन यूरिया गया को उपलब्ध होगी। जिले में अब तक करीब छह हजार मिट्रीक टन यूरिया कम मिलने से थोड़ी किल्लत है।

सुदामा महतो, जिला कृषि पदाधिकारी, गया।

 

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