इस बार इलेक्‍ट्रॉनिक चाक पर बने दीये से रोशन होगा घर-आंगन, खादी ग्रामोद्योग में आए सौ पीस चाक

इस बार इलेक्‍ट्रॉनिक चाक पर बने दीये से रोशन होगा घर-आंगन, खादी ग्रामोद्योग में आए सौ पीस चाक
Publish Date:Fri, 30 Oct 2020 05:05 PM (IST) Author: Bihar News Network

जेएनएन, गया। रोशनी और उल्‍लास के पर्व दीपावली में कुछ ही दिन शेष बचे हैं। ऐसे में शहर से गांव तक दीये की रोशनी फैले इसके लिए कुम्‍हारों ने चाक पर दीये बनाना शुरू कर दिया है। इस बार कुम्‍हारों के लिए इलेक्‍ट्रॉनिक चाक मंगाए गए हैं। खादी ग्रामोद्योग में सौ पीस इलेक्ट्रॉनिक चाक आया है।

गौरतलब है कि अब तक कुम्‍हार परंपरागत रूप से चाक पर दीये बनाते हैं। इस प्रक्रिया में एक घंटे में करीब दो से ढाई सौ दीये तैयार होते हैं। लेकिन अब इलेक्ट्रॉनिक चाक से एक घंटा में पांच सौ दिये बनाए जा सकेंगे। इससे कम समय में अधिक काम हो सकेगा।

ऐसे तैयार किए जाते हैं दीये - दीया बेहतर बने इसके लिए पहले मिट्टी का चयन किया जाता है। मटखान से मिटी लाकर कुम्‍हार उसे पानी डालकर एक दिन छोड़ देते हैं। अगले दिन पानी और मिट्टी को अच्‍छी तरह मिलाया जाता है। मिट्टी का गोलाकार लोंदा बनाकर रखा जाता है। उसके बाद उसे एक पटरा पर रखकर मथा जाता है। इसके बाद चाक से दीये बनाए जाते हैं। इसे दिनभर सुखाने के बाद आग में उसे पकाया जाता है। इस क्रम में चौबीस घंटे में दीये तैयार होते हैं।

लोगों का मिट्टी के दीये की तरफ बढ़  रहा झुकाव- दीपावली में चाइनीज बल्‍ब और झालरों का बड़े पैमाने पर इस्‍तेमाल होने लगा था। लेकिन अब फिर से लोगों का झुकाव मिट्टी के दीये की तरफ बढ़ा है। आशीष प्रजापति व ब्रहमदेव प्रजापति का कहना  है कि लोगों का झुकाव मिटी के दिए की ओर होने लगा है। इलेक्ट्रॉनिक चाक से एक घंटा में पांच सौ दिये बनेंगे। इससे हमारी स्थिति भी ठीक हो सकेगी।

कहते हैं खादी ग्रामोद्योग के मंत्री- खादी ग्रामोद्योग के मंत्री सुनील कुमार ने बाताया की सौ पीस इलेक्ट्रॉनिक चाक आया है। इसका वितरण कुभंकारों के बीच बहुत जल्द ही कर दिया जाएगा। इसका लाभ जिले के सभी  प्रखंड से चयनित कुंभकार कारीगरों को मिलेगा।

 

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