कुष्‍ठ रोगियों की सेवा करने में इन्‍हें मिलता है सुकून, मदर टेरेसा से काफी प्रभावित हैं झारखंड की मेरी

मरीज को सूई लगातीं एएनएम मेरी। जागरण

झारखंड के रांची की रहनेवाली एएनएम मेरी गोरेती को कुष्‍ठ रोगियों की सेवा के लिए जाना जाता है। वे गया स्थित गौतम बुद्ध कुष्‍ठ अस्‍पताल में सहज भाव से ऐसे मरीजों की मरहम पट्टी करती हैं। मदर टेरेसा से ये काफी प्रभावित हैं।

Publish Date:Sat, 05 Dec 2020 10:34 AM (IST) Author: Vyas Chandra

जेएनएन, गया। शहर स्थित गौतम बुद्ध कुष्ठ आश्रम अस्पताल कि एएनएम(ANM) मेरी गोरेती सोरेंग कुष्ठ रोगियों (Leprosy Patients) के बीच काफी लोकप्रिय हैं। सहज भाव से ऐसे मरीजों की सेवा भाव से देखभाल करने के लिए जानी जाती हैं। कहती हैं कि दीन- दुखियों की सेवा करना अच्छा लगता है। मदर टेरेसा के विचारों को आत्‍मसात कर रखा है। मेरी कहती हैं कि खुद कष्ट में रहकर भी दूसरों की सेवा करना सीखा है। यही मानवता है।

बचपन से ही थी नर्स बनकर पीडि़तों की सेवा की इच्‍छा

झारखंड के रांची की रहने वाली मेरी गोरेती सोरेंग बताती हैं कि उनकी बड़ी बहन अमेरिका स्थित टेरेसा ट्रस्ट में अपना योगदान दे रही हैं। जबकि दूसरी बड़ी बहन ने मगध मेडिकल अस्पताल, गया में नर्स रहते हुए मरीजों की बहुत सेवा की। उन्‍हें मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ड्यूटी के लिए जाते समय नर्स के यूनिफॉर्म में देख उन्हें काफी अच्छा लगता था। मन में सोच रखा था कि वह भी बड़ी होकर नर्स बनेंगी। इसी भावना से उन्होंने एएनएम की पढ़ाई की।

सहज भाव से करती हैं कुष्‍ठ मरीजों की मरहम-पट्टी

मेरी गोरेती सोरेंग आज उन मरीजों की सेवा कर रही हैं जिनके पास जाने से भी लोग परहेज करते हैं। लेकिन सोरेंग बड़े ही सेवा भाव के साथ इन मरीजों के जख्मों पर मरहम लगाती हैं। पट्टी लगाती हैं। सुई भी लगाती हैं। वह कहती हैं कि नर्सिंग का क्षेत्र सेवा और समर्पण के साथ दूसरों की तकलीफें दूर करने के लिए होता है। गौरतलब है कि वह कुष्ठ अस्पताल से पहले जयप्रकाश नारायण अस्पताल में काम करती थीं। जिसके बाद 2016 से वे लगातार कुष्ठ मरीजों के साथ  समय व्यतीत कर रही हैं। इनकी मेहनत और लगन की तारीफ इनके अस्पताल के दूसरे कर्मी भी करते हैं।

बोले सिविल सर्जन- सभी नर्सों को इनसे लेनी चाहिए प्रेरणा

गया जिले के सिविल सर्जन डॉक्टर कमल किशोर राय ने एएनएम मेरी गोरेती सोरेंग के कार्यों की सराहना करते हैं। कहते हैं कि इनकी तरह ही सभी स्वास्थ्य कर्मियों को मरीजों के प्रति सेवा-भाव रखनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इनसे सभी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

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