नवादा जेल में खैनी-तंबाकू पर लगा प्रतिबंध, लत वाले बंदी चबा रहे नीम का पत्‍ता और काली मिर्च

नवादा मंडल कारा में लगाई गई नोटिस। जागरण

मंडल कारा नवादा को तंबाकू निषेध क्षेत्र घोषित कर दिया गया है। खैनीगुटखा खाते पकड़े जाने पर बंदी से लेकर कर्मी तक को दंड की चेतावनी दी गई है। इस संबंध में जगह-जगह पोस्‍टर भी चिपका दिया गया है।

Vyas ChandraTue, 20 Apr 2021 11:32 AM (IST)

नवादा, जागरण संवाददाता। मंडल कारा नवादा में पिछले एक माह से जारी सुधार कार्यक्रम के तहत एक और कड़ा कदम उठाया गया है। पूरे कारा परिसर को तंबाकू निषेध क्षेत्र (No Tobacco Zone) घोषित किया गया है। इसके तहत तंबाकू आैर इसके अन्य उत्पादों के इस्तेमाल को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया गया है। मंडल काराधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय के आदेश पर कारा परिसर में जगह-जगह इससे संबंधित पोस्टर चस्पा दिया गया है। यह आदेश सिर्फ जेल के बंदियों ही नहीं बल्कि जेल के कर्मियों पर भी लागू किया गया है। काराधीक्षक ने कहा कि प्रयास है कि जेल का वातावरण हर मायने में पूरी तरह से प्रदूषण मुक्त हो। 

जेल में गड़बड़ी मिलने के बाद कड़ी जा रही व्‍यवस्‍था

बता दें कि मंडल कारा में व्याप्त अनियमितता को लेकर पिछले माह ही यहां के काराधीक्षक को निलंबित किया गया था। जिला प्रशासन की छापेमारी में कई मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी हुई थी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के आधार पर यहां के कई कर्मियों का तबादला भी किया गया था। यह दंडात्मक कार्रवाई पूर्व में भी छापेमारी के दौरान आपत्तिजनक सामग्री की बरामदगी होने को आधार बनाया गया था। जेल में कुव्यवस्था को दूर करने के लिए यहां बेनीपट्टी के काराधीक्षक अभिषेक कुमार पांडेय को भेजा गया है। कामकाज संभालते ही काराधीक्षक ने उन तमाम अनियमितताओं को दूर करने की कवायद आरंभ की जिसकी यहां जरूरत थी। इसी कड़ी में तंबाकू व इसके उत्पादों यानि खैनी, पान, बीड़ी, सिगरेट, गुटखा आदि को पूर्णत: प्रतिबंधित कर दिया है। बंदियों को सख्त चेतवानी तो दी ही गई है, जेल कर्मियों को भी कह दिया गया है कि कारा के अंदर ड्यटी के दौरान तंबाकू का इस्तेमाल न करें। ऐसा करते पकड़े जाने पर कार्रवाई तय है। सूत्र बता रहे हैं कि जो भी कर्मी लारवाही करते पाए जाएंगे उनके वेतन में कटौती की जाएगी। काराधीक्षक के सख्त आदेश का असर भी हुआ है। 

सीसीटीवी से होती पूरे कारा परिसर की निगरानी

दरअसल, पूरे कारा परिसर को सीसीटीवी से लैस किया गया है। काराधीक्षक अपने कक्ष में ही बैठकर कारा परिसर के तमाम गतिविधियों पर नजर रखते हैं। बंदी हो या फिर कर्मी गलती करते पकड़ में आने पर सजा के हकदार होते हैं। सख्ती के कारण कारा परिसर में खैनी, बीड़ी, पान, सिगरेट, गांजा आदि का उपयोग बंद हो चुका है। लोग बताते हैं कि खैनी-गुटखा के आदी या शौकीन बंदी अब अपनी झेंप मिटाने के लिए दूसरे विकल्प यानि कोई काली मिर्च तो कोई तुलसी का पत्ता मुंह में चबाते देखे जा रहे हैं।

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