निगमकर्मी को सुबह आठ बजे तक का अल्टीमेटम

जागरण संवाददाता, गया : एक तरफ पितृपक्ष मेले को लेकर जिला और नगर निगम प्रशासन जोरशोर से तैयारी में जुटा है तो वहीं नगर निगम कर्मियों के हड़ताल पर जाने से दो दिन से शहर से कचरे नहीं उठे हैं। शहर में जगह-जगह कचरों के ढेर लग गए हैं। ऐसे में बुधवार को नगर निगम कार्यालय के सभागार कक्ष में मेयर वीरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में बैठक हुई, जिसमें निर्णय लिया गया कि निगमकर्मी गुरुवार आठ बजे तक काम पर नहीं लौटे तो उन्हें सेवामुक्त कर दिया जाएगा।

डिप्टी मेयर अखौंरी ओंकारनाथ ने कहा कि 23 सितंबर से पितृपक्ष मेला शुरू होने वाला है। मुहर्रम भी नजदीक है। अचानक सफाईकर्मियों का हड़ताल पर चले जाने का फैसला उचित नहीं है। पूरे राज्य में सफाईकर्मी की हड़ताल नहीं है। गया में यूनियन के बहकावे में आकर हड़ताल करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर निगमकर्मी काम पर नहीं लौटे तो गुरुवार से बाहर से मजदूर लाकर सभी वार्डो में सफाई करवाई जाएगी।

सदर एसडीओ सूरज कुमार सिन्हा ने कहा कि निगम सफाई व्यवस्था के लिए कृत संकल्पित है। राजकीय पितृपक्ष मेले की तैयारी के दौरान अचानक हड़ताल पर जाने का फैसला उचित नहीं है। अगर कोई सफाई कार्य में बाधा डालने का कार्य करता है तो उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

वहीं, नगर आयुक्त ईश्वरचंद्र शर्मा ने कहा कि अगर निगमकर्मी काम पर नहीं लौटे तो सेवामुक्त कर दिया जाएगा। अगर सफाईकर्मी शहर को सफाई नहीं करते हैं तो और विकल्प तलाश किए जाएंगे। बैठक में दर्जनों पार्षदों ने भी हिस्सा लिया।

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मेला क्षेत्र की सफाई में

खलल डालने का प्रयास

बुधवार के सुबह में पितृपक्ष मेले क्षेत्र में सफाई कार्य आउटसोर्सिग के माध्यम से किया जा रहा था। तभी कई निगमकर्मी सफाई का काम रुकवाने के लिए पहुंच गए। काम रोकने के लिए कहने लगे। सूचना मिलते ही मेयर ने स्थल पर पहुंचकर निगमकर्मियों को समझा कर शांत किया है और सफाई कार्य प्रारंभ कराया।

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शहर में कचरों का ढेर

दो दिनों से निगमकर्मियों की हड़ताल पर रहने के कारण शहर के कई स्थानों पर कचरों के ढेर लगे हैं। नई गोदाम, पिपरपाती, मोरिया घाट, जीबी रोड, केपी रोड, टावर चौक, नादरागंद, राजेंद्र आश्रम, बाइपास, घुघरीटांड आदि स्थानों पर काफी मात्रा में गंदगी फैली हुई है।

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