लीड...जिले में मिट्टी की उर्वरता बताने को तैयार हो रहा स्वायल फर्टिलिटी मैप

गया गया जिले के किस प्रखंड में मिट्टी की उपजाऊ क्षमता कितनी है कौन से सूक्ष्म पोषक तत्वों की वहां कमी है।

JagranThu, 29 Jul 2021 05:56 PM (IST)
लीड...जिले में मिट्टी की उर्वरता बताने को तैयार हो रहा स्वायल फर्टिलिटी मैप

गया : गया जिले के किस प्रखंड में मिट्टी की उपजाऊ क्षमता कितनी है, कौन से सूक्ष्म पोषक तत्वों की वहां कमी है। यह सब बताने के लिए स्वायल फर्टिलिटी मैप तैयार किया जा रहा है। इसके लिए पिछले तीन साल में अलग-अलग जगहों पर हुई मिट्टी नमूनों की जांच और उसकी रिपोर्ट के आधार पर डेटा संग्रहित की जा रही है। सभी डेटा को फिल्टर किया जा रहा है। राज्य स्तर से इस मैप की समीक्षा की जा रही है। उम्मीद है कि आने वाले महीनों में राज्य स्तर पर यह विशेष मैप तैयार हो जाए। इससे जिले के किसानों के साथ ही विभाग को भी मिट्टी की क्षमता के अनुसार कृषि आधारित योजनाएं तय करने में सहूलियत होगी।

---------------- इस साल 16 हजार मिट्टी नमूना जांच का लक्ष्य, अब तक 778 हुआ

-गया जिले में इस वित्तीय वर्ष में 16 हजार मिट्टी नमूनों का जांच का लक्ष्य विभाग की ओर से रखा गया है। इसके जवाब में प्रखंड क्षेत्रों में 13 हजार 160 नमूना अलग-अलग जगहों से एकत्रित कर लिया गया है। इनमें से 1725 नमूना चंदौती स्थित जिला मिट्टी जांच प्रयोगशाला में भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार अब तक 778 नमूनों की जांच की गई है। हर दिन औसतन 40 से 50 नमूनों की जांच की जाती है। इसके जरिए मिट्टी में उपलब्ध सूक्ष्म पोषक तत्वों का पता लगाया जाता है। गौरतलब है कि पिछले साल जिले में 12 हजार 792 नमूना की जांच के लक्ष्य के जवाब में 12 हजार 104 सैंपल आया था। जिले में 13 हजार 908 मृदा स्वास्थ्य कार्ड बांटा गया है। -------------------

पैकेजिग 10 जगहों पर मिनी लैब खोलने का भेजा गया प्रस्ताव

जासं, गया: जिले में अलग-अलग प्रखंडों में 10 मिनी लैब खोलने की योजना है। इन लैब में स्थानीय स्तर पर मिट्टी की जांच की जा सकेगी। विभगाीय अधिकारी ने बताया कि राज्य स्तर से इन लैब को खोलने के लिए मंजूरी मिलेगी। इन लैब से स्थानीय युवा को रोजगार भी मिलेगा। मिट्टी जांच का सरकारी रेट तय किया जाएगा। लैब से जुड़े व्यक्ति को एक तरह से रोजगार मिलेगा। ------------

ग्राफिक्स: इन जगहों पर मिनी लैब खोलने का है प्रस्ताव

प्रखंड- मिनी लैब की संख्या वजीरगंज-1

बोधगया-2 टिकारी-4

खिजरसराय-1 बांकेबजार-1

गुरुआ-1 -------------

क्या कहते हैं अधिकारी: राज्य स्तर से जिला में स्वायल फर्टिलिटी मैप तैयार करने की योजना बनी है। इसके लिए पिछले कुछ वर्षों के डेटा को संग्रहित कर उसे फिल्टर किया जा रहा है। किसान भाईयों से अनुरोध है कि अपने खेत की मिट्टी की सेहत को जानने के लिए मिट्टी की जांच जरूर करवाएं। साथ ही मिट्टी की उपजाऊ क्षमता बनाए रखने के लिए गोबर खाद का इस्तेमाल करें। ललन कुमार सुमन, सहायक निदेशक, रसायन, जिला मिट्टी जांच प्रयोगशाला, गया।

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