आठ खोवा दुकानों से जांच को लिया गया नमूना

गया त्योहार में खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर चौकसी बरतते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के आठ खोवा दुकान से जांच के लिए नमूना संग्रहित किया।

JagranSat, 21 Aug 2021 11:18 PM (IST)
आठ खोवा दुकानों से जांच को लिया गया नमूना

गया : त्योहार में खाद्य पदार्थों की शुद्धता को लेकर चौकसी बरतते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहर के आठ खोवा दुकान से जांच के लिए नमूना संग्रहित किया। खाद्य संरक्षा अधिकारी के निर्देशन में यह कार्रवाई शनिवार को हुई। टिकारी रोड में अलग-अलग 8 दुकानों से खोवा का नमूना जांच के लिए लिया गया है। इन नमूनों में शुद्धता अथवा मिलावट की जांच की जाएगी। खाद्य संरक्षा अधिकारी मुकेश कश्यप ने बताया कि अगस्त में अब तक 19 सैंपल लिया गया है। जुलाई में 22 नमूना लिया गया था। शनिवार को लिए गए सभी नमूनों की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि त्योहार के सीजन को देखते हुए विभाग चौकसी बरत रहा है। नमूना लिए जाने के दौरान दुकान के लाइसेंस की छायाप्रति पर दुकानदार से हस्ताक्षर लिए गए। वहीं सैंपल को पैकिग करते हुए उसपर भी हस्ताक्षर लिया गया।

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बीते माह 10 दुकानदारों पर 2.25 लाख का लगाया गया था जुर्माना - खाद्य संरक्षा विभाग की ओर से बीते माह 10 दुकानदारों पर 2 लाख 25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। विभाग से मिली जानकारी के अनुसार दोषी दुकानदारों पर 15 हजार से लेकर 30 हजार तक का जुर्माना लगाया गया। खोवा दुकान से लेकर लड्डू भंडार, फूड प्रोडक्ट, आयल इंडस्ट्रीज व कई मिठाई दुकानों पर कार्रवाई की गई। अधिकारी ने कहा कि पिछले माह जिन दुकानों पर भी जुर्माना लगाया गया उनके यहां से पिछले साल नमूना जांच के लिए लिया गया था। पटना, अगमकुंआ स्थित स्वास्थ्य विभाग के खाद्य एवं औषधि प्रयोगशाला में उक्त नमूनों की जांच कराई गई थी।

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एडीएम तय करते हैं जुर्माना, नजारत में जमा होती है जुर्माना राशि

-कलेक्ट्रेट स्थित एडीएम के कार्यालय में मामले की जांच-पड़ताल के आधार पर नियमानुसार जुर्माना राशि तय की जाती है। जुर्माने की रकम को नजारत शाखा में जमा किया जाता है। छापेमारी के लिए जरूरत पड़ने पर जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग विभाग को मिलता है।

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ग्राफिक्स:

यह भी जानें -मिलावटी सामान बेचने पर 5 लाख तक जुर्माना व छह माह से आजीवन सजा का प्रावधान

- दोषी पाए जाने पर रद किया जा सकता है दुकान का लाइसेंस

-आमजनों को रंगीन मिठाई, तवकयुक्त मिठाई से परहेज करना चाहिए

-त्योहार में खोवा के बजाय अनाज दालों से बनी मिठाई का उपयोग ज्यादा सुरक्षित है

- खाद्य तेल, रिफाइन, घी जैसे सामान में एग मार्का का होना उसकी बेहतर गुणवत्ता दर्शाता है

-खाद्य आपूर्ति की दुकानों व निर्माताओं के लिए एफएसएसए का लाइसेंस नंबर होना जरूरी है।

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