बिहार कृषि विवि द्वारा विकसित सबौर संपन्न किस्म से पहली बार बीज उत्पादन करा रहा निगम, पढ़ें पूरी खबर

उम्मीद है कि भविष्य में धान की यह किस्म नाटी मंसूरी धान की एमटीयू -7029 की बेहतर विकल्प साबित होगी। इस नई किस्म का विकास बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के द्वारा किया गया है। विश्वविद्यालय से प्राप्त ब्रीडर सीड के जरिए पहली बार इसका बीज उत्पादन करा रहा है

Prashant Kumar PandeyMon, 29 Nov 2021 06:49 PM (IST)
बिहार कृषि विवि द्वारा विकसित इस नई किस्म से पहली बार बीज उत्पादन करा रहा निगम

 अशोक कुमार पांडेय, कुदरा: धान की नई किस्म ''''सबौर संपन्न'''' आने वाले दिनों में बिहार में उन्नत बीज विस्तार कार्यक्रम का अहम हिस्सा बनने वाली है। बिहार राज्य बीज निगम के अधिकारी धान की इस किस्म को लेकर काफी उत्साहित हैं। उन्हें उम्मीद है कि भविष्य में धान की यह किस्म नाटी मंसूरी के नाम से जानी जाने वाली धान की एमटीयू -7029 किस्म की बेहतर विकल्प साबित होगी। धान की इस नई किस्म का विकास बिहार कृषि विश्वविद्यालय सबौर के द्वारा किया गया है। विश्वविद्यालय से प्राप्त ब्रीडर सीड के जरिए बिहार राज्य बीज निगम इस वर्ष पहली बार इसका बीज उत्पादन करा रहा है। फिलहाल बीज निगम इस बीज को अपने बीज उत्पादक किसानों को ही दे रहा है।

 वर्तमान में निगम के बीज उत्पादक किसान ''''सबौर संपन्न'''' के ब्रीडर सीड से आधार बीज तैयार कर रहे हैं। उसके बाद अगले खरीफ सीजन में वे इसके आधार बीज से प्रमाणित बीज का उत्पादन करेंगे। उसके बाद धान की इस किस्म के बीज सरकार के उन्नत बीज विस्तार कार्यक्रमों के तहत आम किसानों के लिए उपलब्ध होंगे। बिहार राज्य बीज निगम के प्लांट अभियंता उमेश कुमार गुप्ता बताते हैं कि बिहार कृषि विश्वविद्यालय से बीज निगम को सबौर संपन्न धान का एक क्विंटल ब्रीडर सीड प्राप्त हुआ था। उसे निगम के बीज उत्पादक किसानों ने कैमूर जिले में रामगढ़ प्रखंड के दस हेक्टेयर क्षेत्र में लगाया है। समय-समय पर निगम के अधिकारी खेत पर जाकर बीज उत्पादन की निगरानी करते रहते हैं। अब फसल पक कर तैयार हो गई है तथा उसकी कटनी शुरू है। 

बीज निगम के क्षेत्र कृषि पदाधिकारी जयंत शेखर ने बताया कि रामगढ़ प्रखंड के महुअर सहुका के चार बीज उत्पादक किसानों के खेतों में सबौर संपन्न धान के ब्रीडर सीड को लगाया गया है। उन बीज उत्पादक किसानों में हृदयानंद सिंह उर्फ भोला सिंह, मदन मोहन सिंह, शिव प्रकाश सिंह और रामेश्वर प्रसाद सिंह शामिल हैं। मंगलवार को बीज निगम के द्वारा क्रॉप कटिंग कराकर उत्पादन का आकलन किया जाएगा। बता दें कि धान का कटोरा कहे जाने वाले बिहार के शाहाबाद क्षेत्र में नाटी मंसूरी के नाम से विख्यात एमटीयू-7029 काफी लोकप्रिय है। अभी तक इलाके में धान की कोई भी किस्म इससे बेहतर उपज वाली साबित नहीं हुई है। बीज निगम के अधिकारियों का कहना है कि सबौर संपन्न की खेती के जो परिणाम देखने को मिल रहे हैं उससे लग रहा है कि धान की यह नई किस्म एमटीयू-7029 को मात दे देगी।

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