औरंगाबाद में किसानों पर पुलिस की दबंगई, खाद लेने पहुंचे किसान को पुलिस ने पीटा, किसानों पर किया एफआइआर

औरंगाबाद में दो अलग-अलग घटनाओं में पुलिस की किसानों पर दबंगई दिखी। खाद लेने आया सैलवां गांव का किसान महेश भूईयां कड़ी धूप होने के कारण कतार इधर-उधर हो गया। इसपर पुलिस ने उसकी पिटाई कर दी। दूसरी ओर खाद नहीं मिलने पर किसानों के हंगामा करने पर एफआइआर किया।

Sumita JaiswalThu, 23 Sep 2021 10:11 AM (IST)
अस्‍पताल में भर्ती महेश भूईंयां से मिलने पहुंचे समाजसेवी प्रमोद सिंह। जागरण फोटो।

मदनपुर/ रफीगंज (औरंगाबाद), जागरण संवाददाता। प्रखंड कार्यालय परिसर स्थित ई-किसान भवन से यूरिया खाद का वितरण हो रहा है। यहां खाद का टोकन कटाने को लेकर भीड़ लगी रहती है। मंगलवार की शाम खाद लेने पहुंचे सैलवां गांव का किसान महेश भूईयां यूरिया खाद का टोकन लेने के लिए कतार में खड़ा था। कड़ी धूप होने के कारण कतार इधर से उधर हो गया। यहां तैनात पुलिसकर्मियों ने किसानों पर डंडा बरसाना शुरू कर दिया। कतार में खड़े महेश भूईयां की पुलिस ने पिटाई कर दी। महेश पुलिस की पिटाई से घायल हो गया परंतु वह भय से इलाज कराने अस्पताल नहीं पहुंचा।

हालत बिगड़ने पर पहुंचा अस्‍पताल

दूसरे दिन जब उसकी स्थिति बिगडऩे लगी तो इसकी सूचना रफीगंज से चुनाव लड़े प्रमोद सिंह को दिया। उन्होंने उसे अस्पताल जाने को कहा। अस्पताल में मिलने पहुंचे प्रमोद सिंह ने मजदूर-किसान की पिटाई की निंदा करते हुए कहा कि दोषी पुलिसकर्मी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। किसान ने कर्जा लेकर खेतों में धान की फसल लगाया था। खाद लेने पहुंचा तो पिटाई की गई। पुलिसिया कार्रवाई बर्दाश्त नही की जाएगी।

मदनपुर थानाध्यक्ष संजय कुमार को अस्पताल बुलाकर स्थिति से अवगत कराया। साथ ही अच्छे से इलाज करवाने की भरोसा दिलाया। महेश ने पुलिस को बताया कि गांव के नवल सिंह का खेत बटाई पर लेकर खेती किया हूं। प्रखंड कांग्रेस अध्यक्ष संजीव सिंह ने ग्रामीणों के साथ उसे इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया।

खाद दुकान में तोडफ़ोड़ मामले में दर्ज हुई प्राथमिकी

औरंगाबाद के रफीगंज के डाकबंगला स्थित इफको खाद बाजार के सामने खाद न मिलने से आक्रोशित किसानों ने सड़क जाम कर हंगामा किया था। खाद दुकान में तोडफ़ोड़ कर विधि व्यवस्था में तैनात दारोगा कामेश्वर साह एवं पुलिस बलों पर पथराव किया था। मामले में मंगलवार देर शाम प्राथमिकी दर्ज की गई है। दारोगा कामेश्चवर शाह के बयान पर दर्ज प्राथमिकी में खरोखर गांव के किसान प्रदीप कुमार सिंह, पुरुषोतम कुमार, शारदा बिगहा के मथुरा यादव, अचुकी के बड़कू कुमार, बटुरा के आफताब आलम, सिंघी के सुदेश कुमार, चरकांवा उपरिडीह के विक्की कुमार, टकरा के विश्वजीत कुमार एवं मदनपुर थाना के गोसपुर गांव के अनूप लाल मंडल नामजद आरोपित किए गए है।

दारोगा ने अपने बयान में कहा है क इफको खाद बाजार में यूरिया खाद को लेकर किसान हंगामा कर रहे थे। किसी तहर हंगमा को शांत कराने का प्रयास किया गया परंतु किसानों ने आक्रोशित होकर पथराव करना शुरू कर दिए। विधि व्यवस्था में तैनात पुलिसकर्मियों पर किसानों ने रोड़ेबाजी किया। आधा किलोमीटर तक खदेड़ा। पथराव में दारोगा के साथ कई अन्य पुलिसकर्मी घायल हो गए। घायल पुलिसकर्मियों का इलाज सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया। थानाध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने बताया कि कुछ शरारती तत्वों ने पुलिसकर्मियों से राइफल छिनने का प्रयास किया है। डयूटी पर तैनात पुलिस अधिकारी एवं पुलिसकर्मियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। अतिरिक्त पुलिस बल नहीं पहुंचती तो मामला कुछ और हो सकता था।

सूचना पर पुलिस इंस्पेक्टर एमके चौधरी, रफीगंज थानाध्यक्ष रमेश कुमार सिंह, कासमा थाना के एएसआइ अजीत कुमार ङ्क्षसह, पौथू थानाध्यक्ष धनंजय कुमार, बंदेया के रामायण प्रसाद पुलिसकर्मियों के साथ पहुंचे तो मामला शांत हुआ। थानाध्यक्ष ने बताया कि आठ नामजद आरोपित को गिरफ्तार किया गया है। खरोखर गांव के प्रदीप कुमार ङ्क्षसह की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उन्होंने बताया कि प्रदीप ने ही किसानों से हंगामा एवं पथराव कराया है। वह पहले भी जेल जा चुका है। पुलिस प्रदीप की आपराधिक इतिहास खंगालने में जुटी है।

 

 

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