भभुआ में ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर सतर्क नहीं लोग, प्रशासन भी गाइडलाइन अनुपालन कराने में नहीं ले रहा दिलचस्पी

पहले व दूसरे चरण में जिले में कुल 146 लोगों की मौत भी हो चुकी है। पहले चरण में 13 व दूसरे चरण में 133 लोगों की मौत हुई थी। अभी कोविड के डेल्टा वैरिएंट को लोग भूले भी नहीं कि तीसरे वैरिएंट ओमिक्रोन ने दस्तक दे दी है।

Prashant Kumar PandeyPublish:Fri, 03 Dec 2021 03:49 PM (IST) Updated:Fri, 03 Dec 2021 03:49 PM (IST)
भभुआ में ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर सतर्क नहीं लोग, प्रशासन भी गाइडलाइन अनुपालन कराने में नहीं ले रहा दिलचस्पी
भभुआ में ओमिक्रोन वैरिएंट को लेकर सतर्क नहीं लोग, प्रशासन भी गाइडलाइन अनुपालन कराने में नहीं ले रहा दिलचस्पी

 जागरण संवाददाता, भभुआ: कोविड 19 के दो चरणों का प्रकोप कैमूर जिला भी देख चुका है। पहले व दूसरे चरण में जिले में कुल 146 लोगों की मौत भी हो चुकी है। पहले चरण में 13 व दूसरे चरण में 133 लोगों की मौत हुई थी। अभी कोविड के डेल्टा वैरिएंट के प्रकोप की भयावहता को लोग भूल भी नहीं पाए थे कि तीसरे वैरिएंट ओमिक्रोन ने दस्तक दे दी। इस बात की जानकारी लगभग सभी लोगों को हो चुकी है। प्रशासन भी इस खबर से अनभिज्ञ नहीं है। फिर भी न प्रशासन सतर्क दिख रहा है और न ही आमलोग। बाजार में हर जगह कोविड-19 के गाइडलाइन की धज्जियां उड़ रही है। कहीं भी कोई सतर्क नहीं दिख रहा है।

प्रशासन द्वारा गाइडलाइन के अनुपालन को लेकर कोई सख्ती नहीं 

 बाजार में तो दूर की बात सरकारी कार्यालयों व संस्थानों में भी गाइडलाइन का अनुपालन नहीं हो रहा है। सरकारी कार्यालयों व संस्थानों में कोई पदाधिकारी या कर्मी तक मास्क नहीं पहन रहे हैं। स्कूलों में भी शिक्षक व छात्र बिना मास्क के जा रहे हैं। बाजार में शायद ही कोई हो जो मास्क का प्रयोग कर रहा हो। सड़कों या पब्लिक प्लेस पर शारीरिक दूरी का अनुपालन कहीं नहीं हो रहा है। सवारी वाहनों में लोग क्षमता से अधिक बैठाए जा रहे हैं। एक बाइक पर तीन-तीन लोग सवार होकर कहीं आ जा रहे हैं। अब गंभीर बात यह है कि प्रशासन द्वारा गाइडलाइन के अनुपालन को लेकर कोई सख्ती नहीं दिखा रहा। 

प्रशासन पहले से ही सजग हो तो स्थिति काफी नियंत्रित हो सकती 

कहीं भी मास्क जांच अभियान नहीं चल रहा है। जब दूसरे चरण का प्रकोप था तो प्रशासन द्वारा हर गतिविधि पर जांच की जा रही थी। हर बाजार में शारीरिक दूरी का अनुपालन कराने के लिए प्रशासन सख्त था। मास्क जांच अभियान हर प्रखंड में चल रहा था। लेकिन जब स्थिति काफी बिगड़ गई थी तब प्रशासन सजग हुआ। इस बार अगर ओमिक्रोन वैरिएंट से बचाव के लिए प्रशासन पहले से ही सजग हो तो स्थिति काफी नियंत्रित की सकती है।