औरंगाबाद में फरार 33 बाल कैदियों में से 21 वापस लौटे, बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक पर गिरी गाज

खाना न मिलने से नाराज कैदियों ने तोडफ़ोड़ की थी। इसके बाद पुलिसकर्मियों को बंधक बनाकर फरार हो गए। डीएम ने बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक को हटाया। डीडीसी के नेतृत्व में जांच को चार सदस्यीय कमेटी बनी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश के साथ अधिकारियों ने निरीक्षण किया।

Sumita JaiswalSun, 17 Oct 2021 07:07 AM (IST)
सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों पर भी होगी कार्रवाई, सांकेतिक तस्‍वीर।

औरंगाबाद, जागरण संवाददाता। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बभंडीह गांव स्थित सुरक्षित स्थान (प्लेस आफ सेफ्टी) से शुक्रवार की रात 33 बाल कैदी फरार हो गए। कैदियों के फरार होते ही प्रशासनिक महकमे में सनसनी फैल गई। सूचना पर शनिवार की दोपहर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी, डीएम सौरभ जोरवाल व एसपी कांतेश कुमार मिश्र सुरक्षित स्थान पहुंचे। डीएम ने बताया कि 12 बाल कैदी सुरक्षित स्थान से बाहर चले गए हैं। उनके अभिभावकों के संपर्क किया जा रहा है। अधिकांश शाम तक वापस लौट आएंगे। बताया जाता है कि शुक्रवार की रात फरार हुए 33 में से 21 बाल कैदी वापस लौट आए हैं। अधिकांश बाल कैदी के अभिभावकों ने उन्हें सुरक्षित स्थान पहुंचा दिया है।

24 घंटे में मांगी रिपोर्ट

डीएम ने बताया कि लापरवाही के आरोप में यहां के प्रभारी बाल संरक्षण इकाई के सहायक निदेशक संतोष चौधरी को हटा दिया गया है। एनडीसी सुजीत कुमार को तत्काल सभी संपूर्ण प्रभार सौंपने का आदेश दिया गया है। मामले में जांच के लिए डीडीसी अंशुल कुमार के नेतृत्व में चार सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। इसमें एसडीओ, एसडीपीओ एवं विधि शाखा के प्रभारी को रखा गया है। समिति को 24 घंटे के अंदर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। जांच में जो भी अधिकारी एवं कर्मी दोषी पाए जाएंगे उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। डीएम ने बताया कि समय पर खाना न मिलने से नाराज बाल कैदियों ने पहले परिसर में तोडफ़ोड़ की एवं इसके बाद गेट से बाहर निकल गए। बाल कैदियों ने गेट को किसी तरह का नुकसान नहीं पहुंचाया है। सुरक्षा में लगे पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।

पुलिसकर्मियों पर हमला व पथराव

खाना न मिलने से नाराज बाल कैदियों ने शुक्रवार की रात जमकर हंगामा मचाया। परिसर में रखे कुर्सी, टेबल एवं अन्य सामान को तोड़ दिया। हंगामा होता देख जब पुलिसकर्मी पहुंचे तो बाल कैदियों ने उनपर हमला बोल दिया। पथराव करने लगे। यहां के प्रभारी अधीक्षक विक्रमादित्य पाल ने बताया कि बीते कुछ दिनों से बाल कैदी छोटी-छोटी बातों पर हंगामा कर रहे थे। शुक्रवार की रात न सिर्फ कुर्सी, टेबल तोड़ा बल्कि पौधे लगाने के लिए बनाए गए गैबियन, बिजली मीटर को तोड़ दिया। किसी तरह समझाकर मामले को शांत कराया गया। बाद में सूचना पर रात में ही एसडीओ विजयंत एवं एसडीपीओ गौतम शरण ओमी पहुंचे और मामले को शांत कराकर चले गए। रात में करीब 10 बजे बाल कैदियों ने हंगामा करते हुए मेन गेट से जबरदस्ती फरार हो गए। 55 कैदियों में 33 फरार हुए थे। इनमें से 21 वापस लौट आए हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.
You have used all of your free pageviews.
Please subscribe to access more content.
Dismiss
Please register to access this content.
To continue viewing the content you love, please sign in or create a new account
Dismiss
You must subscribe to access this content.
To continue viewing the content you love, please choose one of our subscriptions today.