गया में बड़ा हादसा, स्‍कूल जाते समय बालू लदे ट्रैक्‍टर की चपेट में आने से किशोरी की मौत, नौ बच्‍चे घायल

घटनास्‍थल पर जांच-पड़ताल करती धनगांई थाने की पुलिस। जागरण

गया के बाराचट्टी में बालू लदे ट्रैक्‍टर की चपेट में आने से एक किशोरी की मौत हो गई। नौ अन्‍य बच्‍चे जख्‍मी हो गए। सभी बच्‍चे सुबह में स्‍कूल जा रहे थे। इसी दौरान यह हादसा हुआ। घटना को लेकर स्‍थानीय लोगों ने आक्रोश जाहिर किया।

Vyas ChandraWed, 03 Mar 2021 03:53 PM (IST)

संवाद सूत्र, बाराचट्टी (गया)। बाराचट्टी प्रखंड के धनगांई थाना क्षेत्र के बीबी पेसरा से कुरमावां गांव जाने वाले रास्ते में बुधवार की सुबह बालू लदे ट्रैक्टर की चपेट में आने से बीबी पेसरा गांव के ननकेश्‍वर प्रसाद की पुत्री सुप्रिया कुमारी (13वर्ष) की मौत ही हो गई। गांव के नौ अन्‍य बच्चे घायल हो गए। सभी का प्राथमिक उपचार बाराचट्टी सामुदायिक स्वास्‍थ्‍य केंद्र में किया गया। हालांकि सभी की स्थिति खतरे से बाहर है। 

स्कूल जा रहे थे सभी बच्चे

बीबी पेसरा गांव से दस बच्चे सुबह घर से तैयार होकर काॅपी किताब लिए स्कूल जा रहे थें। इसी बीच कुरमावां गांव की तरफ से दो ट्रेक्टर तेज रफ्तार में बालू लेकर बीबी पेसरा गांव की तरफ आ रहे थे। दोनों एक-दूसरे को आेवरटेक कर रहे थे। अचानक बच्चों की निगाह ट्रैक्‍टर पर पड़ी तो उनलोगों ने खेत की तरफ छलांग लगा दी लेकिन सुप्रिया उसकी चपेट में आ गई। उसे कुचलते हुए ट्रैक्टर खेत में जाकर पलट गया। यह देखकर अफरातफरी मच गई। अगल-बगल के खेत में रहे ग्रामीणों ने चालक को पकड़ लिया। बाद में पुलिस उसे हिरासत में लेकर चली गई। ट्रैक्टर को जब्‍त कर लिया गया।

 

पुलिस दे रही बालू और महुआ कारोबारी को सरंक्षण 

धनगांई थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार जैसे ही घटना स्थल पर दल बल के साथ पहुंचे। वहां मौजूद ग्रामीण हंगामा करने  लगे। लोगों ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। उग्र ग्रामीणों का कहना था कि पुलिस की मिली भगत से इस रास्ते से चौबीस घंटे बालू से लदे ट्रैक्टर गुजरते हैं। इस रास्ते से महुआ का कारोबार दिन के उजाले मे लोग कर रहे हैं पुलिस इस पर कोई कार्रवाई नही कर रही है। 

सीओ-बीडीओ ने परिवारीक लाभ योजना का दिया लाभ

प्रखंड विकास पदाधिकारी मनोज कुमार श्रीवास्तव एवं अंचलाधिकारी  कैलाश महतो  पंचायत के मुखिया से तुलसी पासवान ने परिवारिक लाभ एवं कबीर अंत्येष्टि योजना के तहत 23 हजार रूपया का नगद भुगतान स्वजनों के हाथों में घटनास्थल पर ही किया गया। वहीं  आपदा राहत कोष से चार लाख रूपया दिलवाने का आश्‍वासन स्वजनों को सीओ-बीडीओ ने दिया।

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